हरियाणा बॉर्डर पर रोके गए यूपी के किसान (सांकेतिक तस्वीर)उत्तर प्रदेश से हरियाणा की मंडियों में गेहूं से भरे ट्रैक्टर-ट्रेलर आने और अनाज मंडियों में अफरा-तफरी मचने की खबरें हैं. इस खबर के सामने आते ही यूपी की तरफ फसल उगाने वाले कई किसानों को करनाल के मंगलोरा पुलिस चौकी पर बने सीमा चेकपॉइंट पर रोक दिया गया. इनमें से कुछ किसान करनाल जिले के हैं, लेकिन उनका खेत यूपी के अधिकार क्षेत्र में आता है.
अधिकारियों ने साफ किया कि केवल उन्हीं किसानों को अपनी उपज हरियाणा लाने की इजाजत है, जिनकी जमीन 'मेरी फसल, मेरा ब्योरा' (MFMB) पोर्टल पर रजिस्टर्ड है. करनाल की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक को कंट्रोल करने के लिए, बॉर्डर पर दो चेकपॉइंट बनाए गए हैं.
करनाल के डीसी आनंद कुमार शर्मा ने 'दि ट्रिब्यून' से कहा, "हमने हरियाणा-यूपी सीमा पर दो नाकों पर 24 घंटे ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं. उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे उन किसानों को अंदर न आने दें, जो पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हैं."
हालांकि, किसानों का आरोप है कि नियमों को लागू करने में गड़बड़ी और भेदभाव हो रहा है. उनका कहना है कि कुछ गाड़ियों को बिना कागजात की जांच के ही जाने दिया गया, जबकि बाकी गाड़ियां वहीं फंसी रहीं. कई किसानों ने रजिस्ट्रेशन की शर्त पर नाराजगी जाहिर करते हुए तकनीकी दिक्कतों या जानकारी की कमी का हवाला दिया.
रसूलपुर के नफे सिंह ने कहा, "मुझे हरियाणा में घुसने से रोक दिया गया है, क्योंकि मेरी फसल MFMB पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं है. मैं हरियाणा का रहने वाला हूं, लेकिन मेरी जमीन यूपी में है. मैंने 15 एकड़ खेत में गेहूं उगाया है. मुझे हरियाणा की अनाज मंडियों में अपनी उपज बेचने की इजाजत मिलनी चाहिए, क्योंकि हमारे आढ़तिये वहीं हैं."
एक और किसान कुलविंदर सिंह ने कहा, "मुझे BP की बीमारी है और मैं रविवार रात से ही इंतजार कर रहा हूं. मुझे इसलिए रोक दिया गया, क्योंकि मेरे खेत यूपी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. सरकार को किसानों को हरियाणा की अनाज मंडियों में अपनी उपज बेचने की इजाजत देनी चाहिए."
यूपी के चौसाना गांव के सलमान ने कहा, "मेरे पास वापस लौटने के अलावा कोई चारा नहीं है. मेरे खेत का मालिक हरियाणा का है और मैंने उसके पोर्टल रजिस्ट्रेशन की जानकारी भी दिखाई, लेकिन फिर भी मुझे अंदर नहीं जाने दिया गया."
करनाल जिले के सदरपुर गांव के सारिक ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन हरियाणा में होने के बावजूद, पुलिस ने उसे यूपी के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा माना. उन्होंने कहा, "मैंने करनाल के जमीन मालिक की जानकारी दी थी, लेकिन फिर भी मुझे अंदर नहीं जाने दिया गया."
एक और किसान, नवीन ने दावा किया कि कुछ किसानों को बिना रजिस्ट्रेशन के ही अंदर जाने दिया गया, जबकि बाकी किसानों को रोक दिया गया. मंगलोरा पुलिस चौकी के सब-इंस्पेक्टर मंजीत ने कहा, “हम MFMB पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की जांच किए बिना किसी भी गाड़ी को आने की इजाजत नहीं दे रहे हैं.”
ड्यूटी मजिस्ट्रेट अंकुश ने बताया कि करनाल जिले के कुछ गांव, भले ही यूपी की तरफ पड़ते हों, फिर भी वे MFMB रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र हैं. उन्होंने आगे कहा, “हम पोर्टल पर उनके रजिस्ट्रेशन की जांच कर रहे हैं और DC के निर्देशानुसार, जिनका रजिस्ट्रेशन है, उन्हें ही आने की इजाजत दे रहे हैं.”
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