हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरूहरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. करनाल की अनाज मंडी में खरीद शुरू होते ही किसान की धान की फसल को 2461 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा गया. धान खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा भी मंडी पहुंचे. उन्होंने धान की ढेरियों का निरीक्षण किया और फसल में नमी की भी जांच कराई.
करनाल के खरकाली गांव के किसान तजेंद्र अपनी धान की फसल लेकर मंडी पहुंचे थे. सरकारी खरीद शुरू होने के बाद उनकी फसल को MSP पर खरीद लिया गया. किसान ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि समय पर फसल बिकने से उन्हें राहत मिली है.
किसान तजेंद्र ने बताया कि उन्होंने करीब 15 एकड़ में धान की खेती की है. उनका कहना है कि मंडियों में धान की आवक पहले ही शुरू हो गई थी. अगर सरकारी खरीद 25 सितंबर से शुरू कर दी जाती तो किसानों को ज्यादा राहत मिलती.
उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद नहीं होने पर किसानों को अपनी उपज लेकर मंडी में इंतजार करना पड़ता है. अब खरीद शुरू होने और फसल MSP पर बिकने से उन्हें राहत मिली है.
किसान ने बताया कि एक दिन पहले हुई बारिश के कारण परेशानी जरूर हुई. वह बारिश के बीच अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचे थे. हालांकि, खरीद शुरू होने के बाद उनकी फसल बिक गई और फिलहाल मंडी में उन्हें किसी अन्य परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.
किसान ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में मंडी पहुंचने वाले दूसरे किसानों की फसल भी इसी तरह समय पर खरीदी जाएगी.
धान खरीद की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे जिला उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. किसानों को मंडियों में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा.
उपायुक्त ने कहा कि आने वाले दिनों में भी मंडियों का दौरा जारी रहेगा. प्रशासन की कोशिश है कि उपज लेकर आने वाले किसानों को खरीद से जुड़ी किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.
उन्होंने किसानों से अपील की कि धान को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं, ताकि नमी के कारण खरीद में परेशानी न हो. निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी में पहुंची धान की ढेरी में नमी की भी जांच की.
उपायुक्त ने कहा कि धान का MSP 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है और इसी दर के हिसाब से पात्र उपज की सरकारी खरीद की जाएगी. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन खरीद के लिए पूरी तरह तैयार है. अगर किसी किसान को मंडी में कोई समस्या आती है तो उसका समाधान कराया जाएगा.
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