बारिश के तेज बहाव में बही 70 क्विंटल मक्का, अच्छी आमदनी की उम्मीदों को झटका

बारिश के तेज बहाव में बही 70 क्विंटल मक्का, अच्छी आमदनी की उम्मीदों को झटका

शिवपुरी जिले के सुमेला गांव में तेज बारिश और पानी के बहाव से किसान रंजीत यादव की करीब 70 क्विंटल मक्का बहकर नाले में चली गई. इस घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. ग्रामीणों की मदद से शेष मक्का को बचाया गया, लेकिन बारिश ने किसानों की अच्छी आमदनी की उम्मीदों को झटका दे दिया.

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बारिश के तेज बहाव में बही 70 क्विंटल मक्का, अच्छी आमदनी की उम्मीदों को झटकामक्का किसान का भारी नुकसान

जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सुमेला गांव में रविवार शाम हुई तेज बारिश ने एक किसान की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया. गांव के किसान रंजीत यादव ने अपनी 140 क्विंटल मक्का घर के बाहर सुखाने के लिए फैला रखी थी, लेकिन अचानक आई आंधी और बारिश के कारण उसमें से करीब 70 क्विंटल मक्का तेज बहाव के साथ बहकर नाले में चली गई. घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है.

जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब पांच बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. देखते ही देखते बारिश का पानी तेज बहाव में बदल गया और घर के बाहर रखी मक्का को बहाकर ले जाने लगा. किसान जब तक कुछ समझ पाता, तब तक उसकी करीब आधी उपज पानी के साथ बह चुकी थी.

किसान को भारी नुकसान

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बची हुई मक्का को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद की. ग्रामीणों के प्रयास से शेष फसल को बहने से बचा लिया गया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था.

रंजीत यादव ने बताया कि इस बार मक्का की फसल अच्छी हुई थी और बाजार में भी किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद थी. पिछले वर्ष अधिक बारिश के कारण फसल उत्पादन प्रभावित हुआ था. तब एक बीघा में औसतन 7 से 8 क्विंटल मक्का का उत्पादन हुआ था और बाजार भाव भी करीब 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक सिमट गया था.

इस साल बेहतर मिली उपज

किसानों के मुताबिक इस वर्ष हालात बेहतर रहे. प्रति बीघा 8 से 12 क्विंटल तक मक्का की पैदावार हुई है. वहीं मंडियों में मक्का का भाव 2400 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है. अच्छी पैदावार और बेहतर कीमतों के कारण किसानों को इस सीजन में अच्छी आय की उम्मीद थी.

हालांकि रविवार शाम हुई तेज बारिश ने इन उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है. सुमेला गांव में मक्का बहने की इस घटना के बाद क्षेत्र के अन्य किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. कई किसानों की उपज बारिश में भीगने से प्रभावित हुई है. किसानों का कहना है कि कटाई के बाद फसल को सुरक्षित रखने की व्यवस्था और मौसम संबंधी समय पर चेतावनी की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाओं से नुकसान को कम किया जा सके.

स्थानीय किसानों के अनुसार, फसल तैयार होने के बाद अचानक होने वाली बारिश अब सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है. ऐसे में मौसम की मार झेल रहे किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है.(मनोज भार्गव का इनपुट)

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