गन्ना किसानों को कब मिलेगा सही भावकर्नाटक में गन्ना किसानों की समस्याओं और सूखे की स्थिति को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र से मदद मांगने की तैयारी की है. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा है. वह प्रधानमंत्री के सामने गन्ना किसानों की मांगों और राज्य में सूखे से जुड़ी समस्याओं को रखेंगे. शिवकुमार चाहते हैं कि इस बैठक में विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हों, ताकि सभी मिलकर किसानों की समस्याओं का समाधान निकाल सकें.
डीके शिवकुमार ने रविवार को मैसूरु एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए समय मांगा है. इस बैठक में गन्ना किसानों की समस्याओं और राज्य में सूखे की स्थिति पर चर्चा की जाएगी. शिवकुमार के मुताबिक, वह प्रधानमंत्री से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने का अनुरोध करेंगे. इस प्रतिनिधिमंडल में सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी दलों के नेता भी शामिल होंगे. उनका मानना है कि किसानों की समस्याओं को लेकर सभी राजनीतिक दलों को साथ आना चाहिए. इससे किसानों को राहत दिलाने के लिए कोई रास्ता निकाला जा सकता है.
कर्नाटक के उत्तरी हिस्से में गन्ना किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. किसान बेलगावी से हुबली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास की ओर पदयात्रा कर रहे हैं. इससे पहले किसानों ने बेलगावी के पास पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो दिनों तक रास्ता रोककर विरोध प्रदर्शन किया था. किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए एक समिति बनाई थी, लेकिन उन्हें अब तक कोई साफ भरोसा नहीं मिला है. इसी वजह से उन्होंने अपना आंदोलन आगे बढ़ाने का फैसला किया. किसान चाहते हैं कि उनकी मांगों पर जल्द फैसला लिया जाए, ताकि उन्हें गन्ने की सही कीमत मिल सके और खेती से होने वाली कमाई बढ़ सके.
गन्ना किसान सरकार से कई मांगें कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांग है कि गन्ने का भाव बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति टन किया जाए. इसके अलावा किसान चीनी की न्यूनतम बिक्री कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि चीनी की कीमत बढ़ने से गन्ना किसानों को बेहतर भुगतान देने में मदद मिल सकती है. किसानों ने एथेनॉल की कीमतों में बदलाव करने की मांग भी उठाई है. एथेनॉल बनाने में गन्ने का इस्तेमाल होता है. ऐसे में इसकी कीमतों का असर चीनी मिलों की कमाई और गन्ना किसानों को मिलने वाले भुगतान पर पड़ सकता है. किसान चाहते हैं कि सरकार इन सभी मुद्दों पर जल्द फैसला करे.
डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत की है और उनसे विरोध प्रदर्शन खत्म करने की अपील भी की है. उनका कहना है कि इस मामले में राजनीति करने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों की रोजी-रोटी और उनकी भलाई राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि किसानों और आम लोगों के हितों की रक्षा की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सिर्फ गन्ना किसान ही नहीं, बल्कि दूसरी फसलें उगाने वाले किसान भी हैं. इसलिए सरकार को ऐसा फैसला लेना होगा, जिससे सभी किसानों के हितों का ध्यान रखा जा सके.
राज्य सरकार से भी गन्ने के बेहतर भाव के लिए आर्थिक मदद देने की मांग उठ रही है. इस पर शिवकुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है.
गन्ना किसानों की समस्याओं के साथ कर्नाटक में सूखे की स्थिति भी बैठक का अहम मुद्दा होगी. सूखे के कारण खेती और किसानों की कमाई पर असर पड़ सकता है. ऐसे में राज्य सरकार केंद्र से इस समस्या पर चर्चा कर राहत के उपाय तलाशना चाहती है. शिवकुमार ने कहा कि किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्षी दल भी सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे. इससे केंद्र सरकार के सामने किसानों की समस्याओं को एक साथ उठाया जा सकेगा.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवकुमार ने कलबुर्गी में एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले की जांच करने और जानकारी जुटाने की पूरी छूट दी जाएगी. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय जांच पर ध्यान देना चाहिए. पुलिस को तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने दी जानी चाहिए.
डीके शिवकुमार ने मैसूरु में दशहरा समारोह के दौरान लोगों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने खास तौर पर मैसूरु के लोगों की तारीफ की और राज्य के अन्य लोगों से भी शहर में आकर उत्सव का आनंद लेने की अपील की. उन्होंने बताया कि बारिश के कारण दशहरा समारोह के दौरान होने वाला एयर शो प्रभावित हुआ. जिला प्रशासन ने मौसम अनुकूल रहने पर सोमवार को एयर शो आयोजित करने की बात कही है. शिवकुमार ने भी उम्मीद जताई कि मौसम ठीक रहेगा और वह खुद एयर शो देख सकेंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि केरल और तेलंगाना के मुख्यमंत्री उनके निमंत्रण पर दशहरा समारोह में शामिल होने के लिए मैसूरु आने वाले हैं. वहीं, आंध्र प्रदेश से मिले निमंत्रण के बावजूद वह वहां नहीं जा सके. उन्होंने कहा कि शनिवार को वह गन्ना किसानों से मिलने गए थे और अन्य सरकारी कामों के कारण उनका आंध्र प्रदेश दौरा नहीं हो पाया. वह वहां तुंगभद्रा नदी के पानी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा करना चाहते थे.
कर्नाटक में गन्ना किसानों का आंदोलन अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है. किसान गन्ने की कीमत बढ़ाने, चीनी की न्यूनतम बिक्री कीमत में बदलाव और एथेनॉल की कीमतों की समीक्षा की मांग कर रहे हैं. वहीं, राज्य सरकार सूखे की समस्या पर भी केंद्र से चर्चा करना चाहती है. अब सबकी नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली संभावित बैठक पर है. अगर बैठक होती है, तो गन्ना किसानों की मांगों और सूखे की स्थिति पर चर्चा का रास्ता खुल सकता है. हालांकि, किसानों की मांगों पर केंद्र सरकार की ओर से अंतिम फैसला आना अभी बाकी है. (PTI)
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