Tender Coconut Price: कर्नाटक में बढ़ी नारियल पानी की मांग, सप्‍लाई घटने से इतना पहुंचा भाव

Tender Coconut Price: कर्नाटक में बढ़ी नारियल पानी की मांग, सप्‍लाई घटने से इतना पहुंचा भाव

कर्नाटक के रायचूर में भीषण गर्मी और कम बारिश के कारण नारियल पानी की कीमतें बढ़कर 80 रुपये प्रति नग तक पहुंच गई हैं. छोटे नारियल 50-60 रुपये और मध्यम आकार के नारियल 70-80 रुपये में बिक रहे हैं. आपूर्ति घटने और मांग बनी रहने से आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ गया है.

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Tender Coconut Price: कर्नाटक में बढ़ी नारियल पानी की मांग, सप्‍लाई घटने से इतना पहुंचा भावनारियल की खेती (सांकेतिक तस्वीर)

कर्नाटक के रायचूर शहर में भीषण गर्मी के चलते कच्चे नारियल यानी डाब की मांग लगातार बनी हुई है. आमतौर पर गर्मियों में इसकी खपत है, लेकिन इस साल पर्याप्त बारिश नहीं होने और तापमान ऊंचा बने रहने से दौरान अभी भी मांग कम नहीं हुई है. दूसरी ओर, बाजार में आपूर्ति घटने से नारियल पानी की कीमतें बढ़कर 80 रुपये प्रति नग तक पहुंच गई हैं.

छोटे और मध्यम नारियल के अलग-अलग दाम

रायचूर में छोटे आकार के नारियल 50 से 60 रुपये प्रति नग बिक रहे हैं, जबकि मध्यम आकार के नारियल की कीमत 70 से 80 रुपये तक पहुंच गई है. इससे गर्मी से राहत पाने के लिए नारियल पानी खरीदने वाले आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.

हफ्ते में सिर्फ दो बार पहुंच रही खेप

रायचूर शहर में नारियल पानी के करीब 40 विक्रेता हैं, जिनमें चार से पांच थोक कारोबारी शामिल हैं. यहां एक ट्रक में लगभग 6,000 नारियल पहुंचते हैं. कारोबारियों के मुताबिक, पहले नारियल से लदे ट्रक हर दो दिन में आते थे, लेकिन अब आपूर्ति घटकर सप्ताह में केवल दो बार रह गई है. मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में भी बड़ी मात्रा में नारियल भेजे जाने से स्थानीय बाजार में उपलब्धता प्रभावित हो रही है.

थोक से खुदरा बाजार तक बढ़ जाती है कीमत

रायचूर में नारियल की आपूर्ति मुख्य रूप से मांड्या जिले के मद्दूर से होती है. थोक कारोबारी मध्यम आकार का एक नारियल 55 से 60 रुपये में खरीदते हैं और स्थानीय विक्रेताओं को 62 से 65 रुपये में बेचते हैं. इसके बाद खुदरा विक्रेता इसे ग्राहकों को 70 से 80 रुपये प्रति नग के भाव पर बेचते हैं.

कम बारिश से उत्पादन घटने का अनुमान

नारियल विक्रेताओं का मानना है कि राज्य में पर्याप्त बारिश नहीं होने से उत्पादन प्रभावित हुआ है. वहीं, तेज गर्मी के कारण खपत बढ़ी हुई है. उत्पादन और मांग के बीच बढ़ते अंतर ने बाजार में कीमतों को ऊपर पहुंचा दिया है.

रायचूर के नारियल विक्रेता गणेश ने बताया, "बारिश की कमी के कारण गर्मी बढ़ गई है और नारियल की कीमतें भी बढ़ गई हैं. फिलहाल हम एक नारियल 70 से 80 रुपये में बेच रहे हैं. आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते हैं. कीमतें बढ़ने के बावजूद ग्राहकों की संख्या में कमी नहीं आई है."

महंगाई से आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ

नारियल पानी खरीदने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले मानसून और सर्दियों में भी यह अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध रहता था, लेकिन अब इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं.

उपभोक्ता महेंद्र मित्रा ने कहा, "भीषण गर्मी के कारण नारियल पानी पीना जरूरी हो गया है, लेकिन पहले यह काफी कम कीमत पर मिल जाता था. अब एक नारियल के लिए 70 से 80 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं, जो आम लोगों के लिए आर्थिक बोझ है. कीमतों में कमी आने से बड़ी राहत मिलेगी."

एक अन्य उपभोक्ता विनय कुमार ने कहा कि सेहत कारणों से नारियल पानी पीने वाले लोग, डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन करने वाले मरीज और फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोग कीमतें बढ़ने के बावजूद इसे खरीद रहे हैं.

बारिश आने पर ही कीमतों में राहत की उम्मीद

रायचूर में नारियल पानी की बढ़ती कीमतों के पीछे कम बारिश, लगातार पड़ रही गर्मी और आपूर्ति में आई कमी प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं. अब उपभोक्ताओं और विक्रेताओं की नजर बारिश की स्थिति और बाजार में आपूर्ति सुधरने पर है. हालांकि, आने वाले दिनों में कीमतें कब तक कम होंगी, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है. (एएनआई)

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