बारिश से भीगा धानपंजाब में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडियों में शामिल खन्ना मंडी में खुले आसमान के नीचे रखी धान की बोरियां और किसानों की फसल बारिश में भीग गई. किसानों का आरोप है कि मंडी में फसल को बारिश से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, जिससे उनकी मेहनत से तैयार फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है. किसानों के मुताबिक, बारिश के दौरान फसल को बचाने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. ऐसे में किसानों ने खुद ही तिरपाल की व्यवस्था करके धान को ढकने की कोशिश की, लेकिन लगातार और तेज बारिश के कारण फसल को पूरी तरह बचाना मुश्किल हो गया.
मंडी में धान बेचने पहुंचे एक किसान ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से अपनी फसल की खरीद का इंतजार कर रहा है, लेकिन अभी तक धान नहीं खरीदा गया. किसान ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद के दौरान प्रति क्विंटल तीन से पांच किलो तक धान की कटौती की जा रही है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. बारिश के कारण किसानों की परेशानी और बढ़ गई है. किसानों ने सरकार से मांग की है कि धान में नमी की निर्धारित सीमा में छूट दी जाए और इसे 20 से 22 प्रतिशत तक किया जाए, ताकि बारिश से प्रभावित धान की खरीद हो सके. इसके साथ ही उन्होंने मंडियों में फसल को सुरक्षित रखने और पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है.
दूसरी ओर, खन्ना मार्केट कमेटी के सचिव कमलदीप सिंह मान ने कहा कि बारिश से फसल को बचाने के लिए पहले ही जरूरी निर्देश जारी किए गए थे. उन्होंने बताया कि अब तक खन्ना मंडी में 5 लाख 20 हजार क्विंटल धान की आवक हो चुकी है, जबकि 5 लाख 17 हजार क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है. ऐसे में मंडी में बारिश से फसल को बचाने के इंतजाम और खरीद में देरी को लेकर किसानों की चिंताएं बनी हुई हैं. अब किसानों को उम्मीद है कि सरकार और प्रशासन जल्द कदम उठाएंगे, ताकि उनकी फसल को नुकसान से बचाया जा सके और खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके.
बता दें कि खन्ना के अलावा पंजाब के शहर की अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे बिक्री के लिए रखी धान की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई. मंडी में ढाई से तीन फीट तक पानी भरने से धान की बोरियों और ढेरियों को भारी नुकसान पहुंचा है. इस बारिश ने किसानों के साथ-साथ आढ़तियों और मजदूरों को भी प्रभावित किया है. मंडी में कई जगह धान के ढेर पानी से घिरे नजर आए, जबकि बड़ी मात्रा में धान के दाने पानी के ऊपर तैरते दिखाई दिए. किसानों के मुताबिक, बारिश के कारण उनकी मेहनत से तैयार फसल को भारी नुकसान हुआ है. (गुरदीप सिंह की रिपोर्ट)
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