Onion Price: बंपर आवक के बावजूद 7000 रुपये क्व‍िंटल तक पहुंचा प्याज का दाम, जान‍िए प्रमुख मंड‍ियों के भाव

Onion Price: बंपर आवक के बावजूद 7000 रुपये क्व‍िंटल तक पहुंचा प्याज का दाम, जान‍िए प्रमुख मंड‍ियों के भाव

प्याज की खुदरा कीमतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. तमाम सरकारी कोशिशों के बावजूद प्याज का रुतबा टाइट बना हुआ है. इधर ग्राहक परेशान हैं क्योंकि उन्हें 60-70 रुपये से कम भाव पर प्याज नहीं मिल रहा है. मंडियों में बंपर आवक के बावजूद प्याज के भाव में कोई गिरावट नहीं देखी जा रही है.

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7000 रुपये क्व‍िंटल तक पहुंचा प्याज का दाम, जान‍िए प्रमुख मंड‍ियों के भावप्याज का मंडी भाव

प्याज के भाव में गिरावट होती नहीं दिख रही. तमाम सरकारी कोशिशों के बाद भी प्याज अपने भाव को लेकर टाइट बना हुआ है. सरकारी एजेंसियों के जरिये खुले में प्याज बेचा जा रहा है, लेकिन उसकी सप्लाई नाकाफी है. खुदरा रेट में बढ़ोतरी के पीछे असली वजह बताई जा रही है कि मंडियों में ही प्याज महंगा बिक रहा है. ये हालत तब है जब मंडियों में प्याज की आवक तगड़ी बनी हुई है. लिहाजा, मान कर चलें कि जब तक मंडियों में प्याज सस्ता नहीं होता, तब तक खुदरा में भाव गिरने की गुंजाइश कम है.

2 द‍िसंबर को महाराष्ट्र की 48 मंड‍ियों में प्याज की नीलामी हुई. इसमें 28 में अध‍िकतम थोक दाम 5000 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल और उससे अध‍िक रहा. जबक‍ि 12 मंड‍ियों में 6000 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल और उससे अध‍िक रहा. सोलापुर में एक ही द‍िन में र‍िकॉर्ड 58708 क्व‍िंटल प्याज ब‍िकने आया, फ‍िर भी अध‍िकतम थोक दाम 7000 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल तक दर्ज क‍िया गया. नीचे टेबल में प्रमुख मंडियों के भाव दिए गए हैं.

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मंडी आवक (क्विंटल में) न्यूनतम भाव (रु/क्विंटल) अधिकतम भाव (रु/क्विंटल औसत भाव (रु/क्विंटल
पुणे (3 दिसंबर) 13643 2000 7000 4500
कोल्हापुर  6862        1000   5500   2500
सोलापुर 58708 500 7000 2600
मनचार 97 3250 5750 4500
सतारा 361 2000 6000 4000
जुन्नर (नारायणगांव) 18 1000 6000 4000
बारामती 376 2500 6800 5000

(पुणे को छोड़कर सभी मंडियों के रेट और आवक 2 दिसंबर के हैं)

अभी 5 साल की रिकॉर्ड ऊंचाई पर प्याज की कीमतें चल रही हैं. कारणों की बात करें तो एक्सपोर्ट में दनादन उछाल, एक्सपोर्ट की मांग में तेजी, खराब मौसम से फसल का खराब होना और लोकल मार्केट में मांग में तेजी आने से इसकी कीमतें बढ़ी हुई हैं. ऐसा कहा गया था कि नवंबर में सप्लाई दुरुस्त होने से दाम में गिरावट आएगी, लेकिन नवंबर महीना बीत गया और दिसंबर आ गया, दाम जस के तस बने हुए हैं. व्यापारियों की मानें तो मध्य दिसंबर से पहले प्याज के दाम में गिरावट आती नहीं दिखती.

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