किसान तक के मंडी पेज पर आपका स्वागत है। यहां आप देश की हर मंडी में चल रहा फसल का दाम देख सकते हैं। आपको पुराने मंडी भाव की जानकारी भी इस पेज पर मिलेगी। देश भर की मंडियों में आज मूली का सबसे ज्यादा भाव रहा 500 रुपये/क्विंटल और सबसे कम भाव रहा 500 रुपये/क्विंटल ।
| राज्य | मंडी | कृषि जिंस | दाम/क्विंटल रुपये में | आवक (क्विंटल में) | व्यापार (क्विंटल में) | दिनांक | ||
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| न्यूनतम भाव | मॉडल भाव | अधिकतम भाव | ||||||
| हरियाणा | यमुना नगर एपीएमसी | मूली | 500.00 | 500.00 | 500.00 | 0.00/- | 8.00/- | 24/02/2026 |
हरियाणा के करनाल में यूपी से गेहूं लेकर पहुंचे किसानों को ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ (MFMB) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न होने के कारण बॉर्डर पर रोक दिया गया. प्रशासन ने साफ किया है कि केवल रजिस्टर्ड किसानों को ही मंडियों में प्रवेश मिलेगा, जबकि किसानों ने नियमों के लागू करने में भेदभाव और तकनीकी दिक्कतों का आरोप लगाया है.
पंजाब में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है. औसतन प्रति एकड़ 2 क्विंटल तक कम पैदावार हुई है, जिससे किसानों को करीब 5,000 रुपये प्रति एकड़ का नुकसान हो रहा है. कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल कुल उत्पादन में कमी का अनुमान है, जबकि सरकार ने खरीद नियमों में ढील देकर किसानों को राहत देने की कोशिश की है.
पंजाब के बासमती निर्यातकों ने BEDF में सुधार और पुनर्गठन की मांग उठाई है. बढ़ी हुई फीस और घटते मुनाफे से व्यापार प्रभावित हो रहा है. निर्यातकों का कहना है कि संस्था में बदलाव और बेहतर योजना से बासमती कारोबार को मजबूती मिल सकती है. सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है.
नासिक में इस साल गर्मियों के प्याज उत्पादन में करीब 29% गिरावट का अनुमान है, जिसकी वजह खेती का घटा रकबा और मौसम की मार है. हालांकि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार देशभर में कुल उत्पादन में गिरावट के बावजूद प्याज की उपलब्धता बनी रहेगी और शॉर्टेज की स्थिति नहीं बनेगी. निर्यात में कमी और बढ़ते लॉजिस्टिक खर्च के चलते विदेशों में आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन घरेलू बाजार में स्टोरेज क्षमता के कारण कीमतों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ने की उम्मीद है.
Potato Mandi Rate: यूपी, पश्चिम बंगाल और गुजरात की मंडियों में आलू के भाव दबाव में बने हुए हैं. ज्यादा आवक और बढ़ी सप्लाई के कारण किसानों को उम्मीद के मुताबिक रेट नहीं मिल पा रहे हैं.
पंजाब में गेहूं की आवक और सरकारी खरीद ने रफ्तार पकड़ ली है, जहां लगातार दूसरे दिन आवक 10 लाख टन से अधिक रही और 88% से ज्यादा खरीद दर्ज की गई. हालांकि, बड़ी मात्रा में अनाज अब भी बिना बिके और मंडियों में पड़ा है, जबकि उठान की धीमी रफ्तार किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा रही है. इस बीच, फसल में आग की घटनाओं और मुआवजे की मांग ने हालात को और गंभीर बना दिया है.
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