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ये है दुनिया का सबसे महंगा तरबूज, 4 लाख में आता है सिर्फ एक पीस, हर साल होती है नीलामी

ये है दुनिया का सबसे महंगा तरबूज, 4 लाख में आता है सिर्फ एक पीस, हर साल होती है नीलामी

साल 2019 में डेनसुक प्रजाति के एक तरबू की नीलामी में सबसे अधिक बोली लगाई गई थी. तब एक ग्राहक ने एक तरबूज खरीदने के लिए 4 लाख रुपये खर्च किए थे. हालांकि, कोरोना काल के दौरान डेनसुक प्रजाति के तरबूज की मांग में कमी आ गई, जिसकी वजह से कीमतों भी गिरावट आई.

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दुनिया का सबसे महंगा तरबूज. (सांकेतिक फोटो) दुनिया का सबसे महंगा तरबूज. (सांकेतिक फोटो)

तरबूज खाना हर किसी को पसंद है. इसमें विटामिन A, विटामिन B6, विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स लाइकोपीन और एमिनो एसिड्स काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है. इसका सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है. यही वजह है कि गर्मी के मौसम आते ही तरबूज की मांग बढ़ जाती है. भारत में तरबूज की खेती लगभग सभी राज्यों में होती है. यहां पर कीमत भी लगभग एक जैसी ही रहती है. आप 40 से 50 रुपये किलो तरबूज असानी से खरीद सकते हैं. लेकिन भारत की तरह विदशों में तरबूज इतना सस्ता नहीं बिकता है. यहां पर एक किलो तरबूज खरीदने के लिए लोगों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है. ऐसे में आज हम तरबूज की एक ऐसी किस्म के बारे में बात करेंगे, जिसकी कीतम लाखों में है. खास बात यह है कि दुनिया के पैसे वाले लोग ही केवल इस तरबूज को खाते हैं. 

दरअसल, हम जिस तरबूज के बारे में बात करने जा रहे हैं, वह डेनसुक प्रजाति का तरबूज है. इसे बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का तरबूज माना गया है. यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे महंगा तरबूज कहा जाता है. खास बात यह है कि इसकी खेती सिर्फ जापान में ही की जाती है. यहां पर इसकी बिक्री नहीं बल्कि नीलानी होती है. इसका मतलब यह हुआ कि जो सबसे अधिक बोली लगाएगा वही डेनसुक तरबूज का लुफ्त उठा पाएगा. जापान के अमीर लोग ही इस जरबूज का सेव करते हैं.

इस तरबूज को काला तरबूज भी कहते हैं

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डेनसुक प्रजाति के तरबूज की खेती सिर्फ जापान के होकाइडो आइलैंड के उत्तरी भाग में की जाती है. कहा जाता है कि इस तरबूज की पैदावार बहुत ही कम है. पूरे साल में होकाइडो आइलैंड में सिर्फ 100 पीस ही इस दुर्लभ प्रजाति के तरबूज उगते हैं. यही वजह है कि इसकी इतनी अधिक कीमत होती है. ऐसे में व्यापारी इसे मार्केट में बेचने के बजाए नीलानी करना पसंद करते हैं. वहीं, कई लोग डेनसुक प्रजाति के इस तरबूज को काला तरबूज भी कहते हैं.

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कोरोना काल के दौरान मांग में कमी आ गई

साल 2019 में डेनसुक प्रजाति के एक तरबू की नीलामी में सबसे अधिक बोली लगाई गई थी. तब एक ग्राहक ने एक तरबूज खरीदने के लिए 4 लाख रुपये खर्च किए थे. हालांकि, कोरोना काल के दौरान डेनसुक प्रजाति के तरबूज की मांग में कमी आ गई, जिसकी वजह से कीमतों भी गिरावट आई. कहा जाता है कि इस तरबूज की पहली फसल बहुत महंगी होती है. पहली फसल के दौरान निकले तरबूज की कीमत लाखों में होती है. हालांकि, बाद की फसल से निकलने वाला तरबूज सस्ते हो जाते हैं. लेकिन इसके बावजूद भी खरीदार को कम से कम 19 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं.

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