US-India Deal: ट्री नट्स से लेकर ताजे फलों तक, भारत खोलेगा अमेरिकी एग्री प्रोडक्ट्स के लिए दरवाजे

US-India Deal: ट्री नट्स से लेकर ताजे फलों तक, भारत खोलेगा अमेरिकी एग्री प्रोडक्ट्स के लिए दरवाजे

अमेरिका और भारत ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) के ढांचे की जानकारी दी गई है. यह समझौता भविष्य में एक बड़े भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है.

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US-India Deal: ट्री नट्स से लेकर ताजे फलों तक, भारत खोलेगा अमेरिकी एग्री प्रोडक्ट्स के लिए दरवाजेIndia-US ट्रेड डील

India-US ट्रेड डील पर व्हाइट हाउस ने शुक्रवार यानी 6 फरवरी, 2026 को अमेरिका और भारत की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया है. इस बयान में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के ढांचे की जानकारी दी गई है. यह समझौता भविष्य में होने वाले बड़े भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इस संयुक्त बयान में कहा गया है कि यह पहल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 फरवरी, 2025 को शुरू की गई बातचीत का हिस्सा है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच एक मजबूत और स्थायी द्विपक्षीय व्यापार समझौता करना है.

क्या होगा इस समझौते में?

बयान में कहा गया है कि भारत अमेरिका से आने वाले कई सामानों पर टैक्स (टैरिफ) कम करेगा या पूरी तरह खत्म करेगा. इसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और दूसरे खाद्य और कृषि उत्पाद शामिल हैं. बता दें कि व्हाइट हाउस की ओर से जारी कार्यकारी आदेश के मुताबिक संशोधित 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था 7 फरवरी 2026 से लागू होगी. यह आदेश भारतीय समयानुसार आज सुबह 10:30 बजे से प्रभावी होगा.

व्यापार समझौते की मुख्य बातें

  • अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है. 
  • इससे भारतीय निर्यातकों, खासकर MSMEs, किसानों और मछुआरों के लिए USD 30 ट्रिलियन का बाज़ार खुलेगा.
  • निर्यात में बढ़ोतरी से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे.
  • इस फ्रेमवर्क के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा.
  • यह फ्रेमवर्क टेक्सटाइल और कपड़ों, चमड़े और जूते-चप्पलों, प्लास्टिक और रबर उत्पादों, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प उत्पादों और चुनिंदा मशीनों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बड़े बाज़ार के अवसर देगा. 
  • भारत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियों और मांस सहित संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों की पूरी तरह से रक्षा करेगा. 
  • दोनों देश संबंधित क्षेत्रों में एक-दूसरे को स्थायी आधार पर तरजीही बाज़ार पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 
  • दोनों द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बातचीत के माध्यम से बाजार पहुंच के अवसरों का और विस्तार करने की दिशा में काम करेंगे.

किसानों के लिए नए अवसर: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मज़बूत करेगा, और महिलाओं और युवाओं के लिए रोज़गार पैदा करेगा. प्रधानमंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच मज़बूत संबंधों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके व्यक्तिगत समर्पण के लिए धन्यवाद भी दिया. 

मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर! हमने अपने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है. उन्होंने कहा कि यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाता है.  प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मज़बूत करता है. यह महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करेगा. 

रूसी तेल को लेकर बड़ा फैसला

वहीं, अमेरिका अब भारत से आने वाले सामानों पर 25 फीसदी टैक्स की जगह 18 फीसदी टैक्स लगाएगा, यानी पहले से कम शुल्क लगेगा. इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स को हटा दिया है. अमेरिका का कहना है कि भारत ने भरोसा दिया है कि वह अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और इसके बजाय अमेरिका से ज्यादा तेल और ऊर्जा उत्पाद खरीदेगा. लेकिन अमेरिका ने साफ चेतावनी भी दी है कि अगर भारत भविष्य में फिर से रूस से तेल खरीदना शुरू करता है, तो 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स दोबारा लगा दिया जाएगा.

टैक्स लगाने पर दोबारा करेंगे विचार

बयान में कहा गया है कि अगर अमेरिकी वाणिज्य सचिव को यह पता चलता है कि भारत ने फिर से सीधे या परोक्ष रूप से रूस से तेल खरीदना शुरू कर दिया है, तो अमेरिका के कई बड़े अधिकारी आपस में सलाह करेंगे. इसके बाद वे राष्ट्रपति को यह सुझाव देंगे कि भारत के खिलाफ कौन-सी कार्रवाई की जाए और कितनी सख्ती बरती जाए. इसमें यह फैसला भी शामिल होगा कि भारत से आने वाले सामानों पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स दोबारा लगाया जाए या नहीं.

भारतीय नेताओं के बयान

यह संयुक्त बयान केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के गुरुवार (5 फरवरी, 2026) के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और अमेरिका अगले 4 से 5 दिनों में व्यापार समझौते को लेकर एक संयुक्त बयान को अंतिम रूप देंगे और उस पर हस्ताक्षर करेंगे. विदेश मंत्री जयशंकर ने भी कहा था कि इसके विवरण जल्द ही मिलने की उम्मीद है. 

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