यूपी में मिल्‍क प्‍लांट्स में इन कैमिकल्स के इस्‍तेमाल पर रोक, मिठाइयों पर 'यूज बाय डेट' भी अनिवार्य

यूपी में मिल्‍क प्‍लांट्स में इन कैमिकल्स के इस्‍तेमाल पर रोक, मिठाइयों पर 'यूज बाय डेट' भी अनिवार्य

उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दूध और दूध उत्पादों की प्रोसेसिंग करने वाले प्लांट्स में एथिलीन ग्लाइकोल और डायएथिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. वहीं राज्य में बिक्री के लिए रखी जाने वाली मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ बताना अनिवार्य होगा.

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यूपी में मिल्‍क प्‍लांट्स में इन कैमिकल्स के इस्‍तेमाल पर रोक, मिठाइयों पर 'यूज बाय डेट' भी अनिवार्यमिल्‍क प्‍लांट्स में खतरनाक कैमिकल के इस्‍तेमाल पर रोक

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उत्तर प्रदेश में दूध और दूध से बने उत्पादों की प्रोसेसिंग करने वाली इकाइयों में एथिलीन ग्लाइकोल और डायएथिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई है. विभाग के मुताबिक, कुछ मिल्‍क प्रोसेसिंग यूनिट्स में में पाश्चुरीकरण और रेफ्रिजरेशन जैसी प्रक्रियाओं के दौरान इन रसायनों का कूलेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था. विभाग ने बताया कि प्रोसेसिंग उपकरण में रिसाव होने की स्थिति में एथिलीन ग्लाइकोल या डायएथिलीन ग्लाइकोल दूध में मिल सकते हैं. इन रसायनों के खाद्य पदार्थों में पहुंचने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा हो सकते हैं. इसी खतरे को देखते हुए इनके इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया गया है.

प्रोपिलीन ग्लाइकोल हो सकता है विकल्प

विभाग के अनुसार, दूध प्रसंस्करण इकाइयां इसके विकल्प के तौर पर प्रोपिलीन ग्लाइकोल का इस्तेमाल कर सकती हैं. विभाग ने बताया कि कई दूध प्रसंस्करण इकाइयों में पहले से ही इसका उपयोग किया जा रहा है. 

मिठाइयों पर 'यूज बाय डेट' देना जरूरी

वहीं, प्रदेश में अब दुकानों और प्रतिष्ठानों पर बिक्री के लिए रखी जाने वाली हर तरह की मिठाई पर ‘यूज बाय डेट’ यानी उसे इस्तेमाल करने की अंतिम तारीख बताना जरूरी होगा. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू करने के निर्देश दिए हैं. खास तौर पर खुली मिठाइयों को लेकर यह बदलाव अहम है, क्योंकि इनके लिए अब तक ऐसी जानकारी प्रदर्शित करने की स्पष्ट अनिवार्यता नहीं थी.

जांच में सामने आई तारीख की जानकारी की कमी

खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मिठाई बनाने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कई जगह ग्राहकों को मिठाइयों के निर्माण और उनकी उपयोग की अंतिम तारीख की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी. ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए मिठाई की ताजगी और उसे कितने समय तक खाया जा सकता है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता था.

मिठाइयों की शेल्फ लाइफ अलग-अलग

विभाग के मुताबिक, मिठाइयों की शेल्फ लाइफ उनके प्रकार और प्रकृति के आधार पर अलग होती है. अलग-अलग मिठाइयां एक दिन से लेकर करीब 30 दिन तक इस्तेमाल योग्य रह सकती हैं. समय बीतने के साथ मिठाई की क्‍वालिटी, स्वाद और ताजगी में बदलाव आता है. इसी वजह से विभाग ने बिक्री के दौरान ‘यूज बाय डेट’ की जानकारी देना जरूरी किया है.

कमिशनर रोशन जैकब ने जारी किया आदेश

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की ओर से जारी आदेश में मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ प्रदर्शित करने की व्यवस्था लागू करने को कहा गया है. विभाग का कहना है कि इससे ग्राहक मिठाई खरीदते समय उसके सेवन की उचित अवधि के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे.

पैकेज्ड मिठाइयों पर पहले से था नियम

मौजूदा व्यवस्था के तहत पैकेज्ड मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट या ‘यूज बाय डेट’ अंकित करना पहले से अनिवार्य है. हालांकि खुली मिठाइयों के मामले में ऐसी जानकारी प्रदर्शित करने की स्पष्ट अनिवार्यता नहीं थी. नई व्यवस्था का उद्देश्य मिठाई कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों को खाद्य उत्पाद से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है. (पीटीआई)

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