CAQM रिपोर्ट: पंजाब में पराली जलाना 92% और हरियाणा में 99% घटा, NCR के प्रदूषण में परिवहन का हिस्सा 19-24%

CAQM रिपोर्ट: पंजाब में पराली जलाना 92% और हरियाणा में 99% घटा, NCR के प्रदूषण में परिवहन का हिस्सा 19-24%

सुप्रीम कोर्ट में पेश CAQM की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 की तुलना में 15 सितंबर से 4 नवंबर के बीच पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं 91.9% और हरियाणा में 98.4% घटी हैं. 2015 से 2025 के अध्ययनों के मेटा-विश्लेषण में दिल्ली-NCR के प्रदूषण में परिवहन का योगदान 19-24% और बायोमास जलाने का 17-23% पाया गया.

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CAQM रिपोर्ट: पंजाब में पराली जलाना 92% और हरियाणा में 99% घटा, NCR के प्रदूषण में परिवहन का हिस्सा 19-24%2021 के मुकाबले पंजाब में पराली जलाना 91.9% कम

दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट में पेश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की रिपोर्ट में पराली जलाने की घटनाओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. रिपोर्ट में प्रदूषण के स्रोतों से जुड़े अध्ययनों के आंकड़े भी दिए गए हैं, जिनके अनुसार एनसीआर के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान परिवहन क्षेत्र का है.

पराली जलाने के मामलों में भारी कमी

रिपोर्ट के अनुसार धान के अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है. वर्ष 2021 की तुलना में 15 सितंबर से 4 नवंबर के बीच पंजाब में 91.9 प्रतिशत और हरियाणा में 98.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

स्थानीय के साथ क्षेत्रीय स्रोतों का भी असर

CAQM ने दिल्ली-NCR में प्रदूषण के स्रोतों पर अध्ययन के आंकड़े पेश किए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली और NCR की हवा की क्वालिटी पर स्थानीय स्रोतों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर हवा के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने वाले प्रदूषण का भी असर पड़ता है.

2015 से 2025 के अध्ययनों का मेटा-विश्लेषण

दिल्ली के AQI को तय करने वाले मुख्य प्रदूषक के रूप में PM2.5 की पहचान की गई है. इसी आधार पर 2015 से 2025 के बीच हुए अध्ययनों का मेटा-विश्लेषण किया गया. इसमें किसी एक रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय कई अध्ययनों को शामिल किया गया है. विश्लेषण के नतीजे रिपोर्ट में दी गई तालिका में दर्ज हैं.

सर्दियों में दिल्ली की हवा बिगाड़ने वाले मुख्य स्रोत

रिपोर्ट के मुताबिक सर्दियों के दौरान NCR के भीतर और बाहर से दिल्ली की हवा को प्रभावित करने वाले मुख्य स्रोत ये हैं-
    • परिवहन 
    • उद्योग, जिसमें थर्मल पावर प्लांट भी शामिल हैं 
    • धूल, जो सड़क, मिट्टी और निर्माण व तोड़फोड़ के काम से उठती है 
    • बायोमास जलाना, जिसमें कचरा, घरेलू इस्तेमाल और फसल के अवशेष जलाना शामिल है 
    • सेकेंडरी पार्टिकुलेट, जो परिवहन, उद्योगों और बायोमास जलाने जैसे स्रोतों से निकलने वाली गैसीय उत्सर्जनों से बनते हैं 

परिवहन 19-24%, बायोमास 17-23%

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 19 से 24 प्रतिशत है. वहीं बायोमास जलाने का योगदान 17 से 23 प्रतिशत है.(अनीषा माथुर का इनपुट)

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