क्वालिटी चाय के दाम में आई मजबूती (सांकेतिक तस्वीर)केरल के कोच्चि में हुए हालिया चाय नीलामी सत्र में ऑर्थोडॉक्स लीफ चाय की कीमतों में मजबूती देखने को मिली है. बाजार में आवक घटने और मांग के मजबूत बने रहने से औसत कीमतों में प्रति किलो करीब 5 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कारोबारी गतिविधियों से जुड़े लोगों के अनुसार, यह तेजी अचानक नहीं बल्कि बीते कुछ हफ्तों से बन रहे ट्रेंड का नतीजा है. सेल नंबर 4 के दौरान कुल 1,95,948 किलो चाय की पेशकश की गई, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत मात्रा की बिक्री हो गई.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, होल लीफ सेगमेंट में बाजार का रुख मजबूत से महंगा रहा, जबकि ब्रोकन किस्मों में भाव स्थिर से थोड़ा मजबूत बने रहे. नीलामी से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि बेहतर क्वालिटी वाली चाय को खरीदारों का अच्छा समर्थन मिला.
नीलामी आयोजित करने वाली एजेंसी फोर्ब्स (Forbes), इवर्ट एंड फिगिस (Ewart & Figgis) के मुताबिक, इस बार CIS देशों के खरीदारों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. इसके अलावा मिडिल ईस्ट के बाजारों से भी पूछताछ संतोषजनक रही, जिससे ऑर्थोडॉक्स लीफ चाय की मांग को सहारा मिला.
CTC डस्ट सेगमेंट में अच्छी लिकर वाली चाय के दाम स्थिर से मजबूत रहे. हालांकि, 200 रुपये प्रति किलो से ऊपर बिकने वाली चाय में कुछ दबाव देखा गया. इन ऊंचे दामों पर खरीदारी थोड़ी अनियमित रही और कुछ लॉट्स में मांग कमजोर पड़ी. इस श्रेणी में कुल 5,66,642 किलो चाय की पेशकश हुई, जिसमें से करीब 75 प्रतिशत मात्रा को बड़े ब्लेंडर्स ने खरीदा.
ऑर्थोडॉक्स डस्ट की बात करें तो प्राइमरी ग्रेड के दाम सीमित दायरे में मजबूत रहे, जबकि सेकेंडरी क्वालिटी की चाय में उतार-चढ़ाव के साथ कुछ कमजोरी देखी गई. इस श्रेणी में केवल 16,500 किलो चाय की पेशकश हुई और निर्यातकों और अपकंट्री खरीदारों की भागीदारी सीमित रही.
कोचिन टी ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल जॉर्ज ने बताया कि CTC डस्ट की कीमतों में इस सप्ताह और मजबूती आई है, जो बाजार के स्ट्रक्चर में स्थायित्व का संकेत देती है. उनके अनुसार साल की शुरुआत से ही दाम धीरे-धीरे ऊंचे स्तर की ओर बढ़े हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि पहले जो गिरावट दिखी थी, वह सीजनल थी. सर्दियों में मुन्नार जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड और पाले के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे बाजार में आपूर्ति सख्त हो गई. साथ ही सबरीमाला सीजन से जुड़ी घरेलू मांग और ऊंचे क्लियरेंस लेवल ने कीमतों को सहारा दिया.
वैश्विक स्तर पर केन्या जैसे देशों में उत्पादन घटने की खबरों के बीच बेहतर लिकर वाली CTC चाय प्रीमियम पर बिकती रही. मौजूदा हालात में 200 रुपये प्रति किलो का स्तर कोचिन डस्ट मार्केट के लिए एक नए रेफरेंस पॉइंट के रूप में उभरता नजर आ रहा है.
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