सह्याद्री फार्म्स की B2C बाजार में एंट्री की तैयारी, प्रोसेस्ड उत्पादों के जरिए देशभर में बढ़ाएगी पहुंच

सह्याद्री फार्म्स की B2C बाजार में एंट्री की तैयारी, प्रोसेस्ड उत्पादों के जरिए देशभर में बढ़ाएगी पहुंच

सह्याद्री फार्म्स ने प्रोसेस्ड हॉर्टिकल्चर उत्पादों के जरिए B2C बाजार में उतरने की योजना बनाई है. कंपनी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इस सेगमेंट से 10% और लंबे समय में 30% राजस्व हासिल करना है, जबकि आईपीओ को फिलहाल 2027-28 तक टाल दिया गया है.

Advertisement
सह्याद्री फार्म्स की B2C बाजार में एंट्री की तैयारी, प्रोसेस्ड उत्पादों के जरिए देशभर में बढ़ाएगी पहुंचप्रोसेस्ड हॉर्टिकल्चर उत्पादों के क्षेत्र में सह्याद्री फार्म्स का बड़ा नाम

देश के प्रमुख किसान उत्पादक संगठनों (FPO) में शामिल सह्याद्री फार्म्स अब उपभोक्ता बाजार (B2C) में उतरने की तैयारी कर रहा है. महाराष्ट्र स्थित यह संगठन ताजे फल-सब्जियों के बजाय प्रोसेस्ड हॉर्टिकल्चर उत्पादों को अपने ब्रांड के तहत सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने की योजना बना रहा है.

सह्याद्री फार्म्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक विलास शिंदे ने बताया कि संगठन घरेलू बाजार में सालभर उपलब्ध रहने वाले प्रोसेस्ड उत्पादों की एक पूरी श्रृंखला के साथ प्रवेश करेगा. इससे कंपनी को देशभर में अपने उत्पादों का वितरण करने में आसानी होगी. उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से कंपनी ने सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया है, ताकि अलग-अलग वितरण माध्यमों के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित की जा सके. इसके लिए कंपनी एक समर्पित टीम भी तैयार कर रही है.

अमूल जैसा बड़ा ब्रांड बनेगा सह्याद्री फार्म्स

विलास शिंदे ने अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर करते हुए कहा कि सह्याद्री फार्म्स हॉर्टिकल्चर सेक्टर में ‘अमूल’ जैसा बड़ा ब्रांड बनना चाहता है. उन्होंने बताया कि संगठन ने पिछले 15 वर्षों में मजबूत B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) नेटवर्क खड़ा किया है, जिससे संगठन के कुल 2,600 करोड़ रुपये के कारोबार में से करीब 1,000 करोड़ रुपये का योगदान आता है.

उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ घरेलू बाजार भी कंपनी के भविष्य के विकास में अहम भूमिका निभाएगा. हालांकि, भारतीय उपभोक्ताओं की कीमत और क्वालिटी को लेकर अपनी अलग सोच होती है, जिसे बदलना आसान नहीं है. इसके लिए खाद्य सुरक्षा, ट्रेसबिलिटी (उत्पाद की पूरी जानकारी) और पारदर्शिता जैसे पहलुओं पर लगातार काम करने की जरूरत है.

अभी IPO लाने की तैयारी नहीं

राजस्व लक्ष्यों को लेकर कंपनी ने फिलहाल संतुलित रणनीति अपनाई है. शिंदे ने कहा कि B2C से तत्काल बड़े स्तर पर बिक्री की उम्मीद नहीं है. कंपनी का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में कुल राजस्व में इसका योगदान कम से कम 10 प्रतिशत तक पहुंच जाए. वहीं, अगले 10 वर्षों में इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक ले जाने की योजना है.

इसके अलावा, सह्याद्री फार्म्स ने फिलहाल अपने आईपीओ (IPO) की योजना को टाल दिया है. शिंदे ने बताया कि जलवायु परिवर्तन से उत्पादन पर पड़े असर और वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण व्यापार में कई चुनौतियां आईं, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया.

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के नतीजों की समीक्षा के बाद कंपनी आधिकारिक तौर पर आईपीओ प्रक्रिया शुरू करेगी. उम्मीद है कि 2027-28 के वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही तक कंपनी बाजार में अपना आईपीओ ला सकती है.

POST A COMMENT