Rice Exports: इन दो देशों के लिए फिर से खुला चावल निर्यात, Apeda ने शुरू किया रजिस्ट्रेशन

Rice Exports: इन दो देशों के लिए फिर से खुला चावल निर्यात, Apeda ने शुरू किया रजिस्ट्रेशन

भारत के चावल निर्यातकों के लिए बड़ी खबर है. दरअसल, भारत ने इन दो देशों के द्वारा हटाए गए चावल आयात के बाद Apeda ने नॉन-बासमती चावल के निर्यात के लिए रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू कर दिए हैं.

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Rice Exports: इन दो देशों के लिए फिर से खुला चावल निर्यात, Apeda ने शुरू किया रजिस्ट्रेशनफिर से खुला चावल निर्यात

भारत के चावल निर्यातकों के लिए राहत की खबर है. दरअसल, फिलीपींस और सेनेगल द्वारा चावल आयात पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने के बाद, कृषि निर्यात संवर्धन संस्था Apeda ने इन दोनों देशों के लिए नॉन-बासमती चावल के निर्यात के लिए रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू कर दिया है.  फिलीपींस और सेनेगल जैसे बड़े बाजारों के फिर खुलने से भारतीय चावल निर्यातकों को न सिर्फ रुके हुए ऑर्डर पूरे करने का अवसर मिलेगा, बल्कि आने वाले महीनों में निर्यात मात्रा और आय बढ़ने की भी उम्मीद है.

सेनेगल के लिए फिर शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Apeda) ने बुधवार को जारी नोटिस में बताया कि सेनेगल के लिए नॉन-बासमती चावल के निर्यात पर रजिस्ट्रेशन-कम-एलोकेशन सर्टिफिकेट (RCAC) जारी करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से फिर शुरू कर दी गई है. यह कदम डकार स्थित भारतीय दूतावास द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद उठाया गया है कि सेनेगल ने चावल आयात पर लगा अपना एक महीने का प्रतिबंध हटा लिया है. पिछले साल नवंबर में सेनेगल द्वारा चावल आयात घोषणा (डीआईपीए) जारी करना निलंबित करने के बाद, एपेडा ने RCAC रजिस्ट्रेशन अस्थायी रूप से रोक दिए थे. हालांकि, Apeda ने निर्यातकों को आगाह करते हुए कहा है कि वे सेनेगल में नीति से जुड़े किसी भी नए बदलाव पर नजर बनाए रखें.

फिलीपींस के लिए भी एक्पोर्ट प्रक्रिया शुरू

Apeda ने बताया कि फिलीपींस के कृषि विभाग ने जानकारी दी है कि वहां का ब्यूरो ऑफ प्लांट इंडस्ट्री अब नॉन-बासमती चावल के लिए सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी इंपोर्ट क्लीयरेंस (SPIC) के आवेदन प्रोसेस करना शुरू करेगा. इसमें कुल करीब 5 लाख टन नॉन-बासमती चावल के आयात को मंजूरी दी जाएगी, जिसमें से 50 हजार टन चावल सरकारी एजेंसियों के लिए आरक्षित रहेगा.

फिलीपींस ने चावल पर आयात शुल्क बढ़ाया

बता दें कि फिलीपींस सरकार ने यह भी शर्त रखी है कि सभी चावल शिपमेंट्स फरवरी के मध्य तक पहुंच जानी चाहिए. इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में गर्मी की फसल की शुरुआत के समय इंपोर्ट वाले चावल से कीमतों पर दबाव पड़ने से रोकना है. इसके अलावा फिलीपींस ने चावल पर आयात शुल्क 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है, जिससे भारतीय एक्सपोर्टस के लिए समय पर डिलीवरी और लागत और भी अहम हो गया है.

Apeda ने जारी किए निर्यात के आंकड़े

Apeda के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से अक्टूबर) के दौरान भारत ने फिलीपींस को कुल 40,447.72 टन चावल का निर्यात किया है, जिसमें 1,496 टन बासमती चावल भी शामिल है. इस निर्यात का कुल कीमत 49.29 मिलियन डॉलर रहा. इसके मुकाबले पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में फिलीपींस को 42,621.48 टन चावल का निर्यात हुआ था, जिसकी कीमत 37.15 मिलियन डॉलर थी. वहीं, सेनेगल को अप्रैल–अक्टूबर 2025-26 के दौरान 4,12,612 टन चावल निर्यात किया गया है, जिसकी कीमत 141.50 मिलियन डॉलर रहा, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 6,62,064 टन और कीमत 276.84 मिलियन डॉलर था.

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