Padma Awards 2026: ये किसान हैं देश के नए हीरो, जानिये कृषि और पशुपालन में कितना बड़ा है योगदान?

Padma Awards 2026: ये किसान हैं देश के नए हीरो, जानिये कृषि और पशुपालन में कितना बड़ा है योगदान?

पद्म पुरस्कार 2026 उन लोगों को दिया गया जिन्होंने अपने काम से देश और समाज की सेवा की. इस साल किसान, पर्यावरण रक्षक, कलाकार और समाजसेवी जैसे कई लोग इस सम्मान के पात्र बने. जानिए जोगेश देउरी, देवकी अम्मा और श्रीरंग देवाबा लाड जैसे प्रेरक लोगों की कहानी और उनके योगदान के बारे में.

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ये किसान हैं देश के नए हीरो, जानिये कृषि और पशुपालन में कितना बड़ा है योगदान?Padma Awards 2026

भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा हो चुकी है. इस साल खेती, किसानी और पशुपालन से जुड़े कई किसानों को भी देश और समाज की सेवा के लिए सम्मानित किया गया है. इन किसानों ने अपने मेहनत और नए तरीके अपनाकर समाज में बदलाव लाया और लोगों की जिंदगी में सुधार किया. उनके काम से न सिर्फ समाज बेहतर हुआ, बल्कि नई सोच और प्रेरणा भी पैदा हुई. आइए जानते हैं इन किसानों की बेमिसाल कहानियां, जिन्होंने अपने काम से देश के लिए मिसाल कायम की.

कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान

असम के जोगेश देउरी को इस साल पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जोगेश मूंगा रेशम (Muga Silk) को बचाने और इसे बनाने का नया तरीका बनाने के लिए जाने जाते हैं. मूंगा रेशम सिर्फ असम में मिलता है और यह बहुत खास होता है. जोगेश ने पुराने तरीके से रेशम कीट पालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा. इस काम से हजारों गांव वाले परिवारों की आमदनी बढ़ी और असम की खास संस्कृति भी मजबूत हुई. जोगेश का यह काम न केवल असम के लिए बल्कि पूरे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

देवकी अम्मा- केरल की पर्यावरण रक्षक

केरल की कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्होंने एक सड़क दुर्घटना के बाद चलने-फिरने में मुश्किल होने पर भी हार नहीं मानी. उन्होंने अपने घर के पीछे छोटे-छोटे पेड़ लगाना शुरू किया और अब उन्होंने 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर एक बड़ा जंगल बना दिया. उनके जंगल में बहुत सारे दुर्लभ औषधीय पौधे और सैकड़ों पेड़ हैं. देवकी अम्मा का यह काम पूरे देश और दुनिया के लिए प्रेरणा है. वह दिखाती हैं कि अगर हम चाहें तो छोटे-छोटे कदम से भी बड़ी चीजें कर सकते हैं और पर्यावरण की मदद कर सकते हैं.

श्रीरंग देवाबा लाड- किसानों के मददगार

श्रीरंग देवाबा लाड एक किसान और समाजसेवी हैं. उन्हें पद्म पुरस्कार उनके काम के लिए मिला. लाड ने नई और टिकाऊ खेती और पशु पालन के तरीके खोजे, जिससे किसानों की फसल बढ़ी और उनकी आमदनी भी बढ़ी. अब उनके तरीके पूरे देश के किसानों तक पहुंचेंगे और किसान इन्हें अपनाकर अपने काम में सुधार कर सकेंगे. श्रीरंग देवाबा लाड का काम दिखाता है कि मेहनत और सही जानकारी से किसानों की जिंदगी और खेती दोनों बेहतर हो सकती हैं.

राम रेड्डी मामिडी- किसानों और पशुपालन के हीरो

राम रेड्डी मामिडी को इस साल पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें दूध उत्पादन और पशुपालन के क्षेत्र में उनके अच्छे काम के लिए दिया गया. उन्होंने किसानों की मदद की और उन्हें सिखाया कि कैसे गाय, भैंस और अन्य पशुओं का सही पालन-पोषण करके अच्छी आय कमाई जा सकती है.

राम रेड्डी मामिडी ने सहकारी समितियों बनाई. ये समितियां छोटे किसानों को एक साथ मिलकर काम करने में मदद करती हैं. उनके प्रयासों से कई गांवों के लोग अपना जीवन बेहतर बनाया और पशुपालन उनके लिए आय का स्थायी साधन बन गया.

उन्होंने किसानों को यह भी सिखाया कि दूध कैसे रखें, पशुपालन कैसे करें और अपने पैसों का सही उपयोग कैसे करें. राम रेड्डी मामिडी महिलाओं के नेतृत्व वाली समितियों के बड़े समर्थक थे. उन्होंने हमेशा महिलाओं और समाज के हर व्यक्ति को मजबूत बनने और अपने काम में सफल होने में मदद की. उनके काम से डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में बहुत सुधार हुआ और वह इस क्षेत्र के बड़े नेता बन गए.

पद्म पुरस्कार किसे और क्यों दिया जाता है?

पद्म पुरस्कार अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को दिया जाता है जैसे कि कृषि, कला, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, शिक्षा, खेल और प्रशासन. इसका मकसद देश के उन लोगों को पहचान देना है जो अपने काम से समाज और देश के लिए प्रेरणा बनते हैं. इस साल 2026 में सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है, जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं. इन पुरस्कारों में 19 महिलाएं हैं और 16 पुरस्कार मृतकों को उनके योगदान के लिए दिए जा रहे हैं.

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