गोवा सीमा से सटे इलाकों में खेती की जमीन खरीद की होगी जांच, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

गोवा सीमा से सटे इलाकों में खेती की जमीन खरीद की होगी जांच, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

महाराष्ट्र सरकार गोवा सीमा से सटे सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी और दोडामार्ग में कृषि भूमि की कथित अवैध खरीद की जांच कराएगी. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कुछ बाहरी लोगों द्वारा खुद को किसान बताकर जमीन खरीदने की शिकायतें मिली हैं.

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गोवा सीमा से सटे इलाकों में खेती की जमीन खरीद की होगी जांच, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसलामहाराष्‍ट्र में गोवा से सटे इलाकों में कृषि भूमि खरीद की होगी जांच (सांकेतिक तस्‍वीर)

गोवा से सटे महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में खेती की जमीन की कथित अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों की जांच कराई जाएगी. महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार को शिकायतें मिली हैं कि दूसरे राज्यों के कुछ लोगों ने खुद को किसान बताकर खेती की जमीन खरीदी है. इन शिकायतों की विस्तृत जांच कराई जाएगी. मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी और दोडामार्ग तहसीलों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं. ये दोनों क्षेत्र गोवा की सीमा से लगे हुए हैं. मंत्री ने कहा कि आरोप है कि बाहरी राज्यों के लोगों ने किसान होने का दावा कर किसानों की जमीन खरीदी, जबकि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है.

कानून में सिर्फ किसानों को है अनुमति

गोवा के मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मोपा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजस्‍व मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के भूमि कानून की धारा 63 के तहत केवल किसान ही कृषि भूमि खरीद सकता है. गैर-किसानों को कृषि भूमि खरीदने की अनुमति नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने गलत जानकारी देकर खुद को किसान बताया है तो पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी.

कृषि भूमि पर रिहायशी प्लॉटिंग भी जांच के दायरे में

राजस्व मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार को खेती की जमीन पर जरूरी जोनिंग अनुमति के बिना रिहायशी प्लॉटिंग किए जाने की शिकायतें भी मिली हैं. उन्होंने साफ किया कि जब तक किसी कृषि भूमि को आधिकारिक रूप से रिहायशी क्षेत्र घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां आवासीय प्लॉटिंग नहीं की जा सकती. यह भी गंभीर मामला है और इसकी भी जांच होगी.

विधानसभा में उठा था मामला, समिति कर रही जांच

राजस्‍व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि यह मुद्दा महाराष्ट्र विधानसभा में भी उठाया गया था. इसके बाद संबंधित जिले के कलेक्टर की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई. इस समिति में दो कलेक्टरों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि समिति अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

औद्योगिक प्रोजेक्‍ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश

इधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार और निवेश आकर्षित करने के लिए समय पर जमीन उपलब्ध कराना जरूरी है. MIDC परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से भूमि आवंटन की प्रक्रिया सरल बनाने, प्रशासनिक देरी कम करने और मंजूरियां तेजी से देने को कहा.

उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच 1,183 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए, जिससे 5,502 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. फिलहाल राज्य के कई जिलों में करीब 66,343 एकड़ भूमि का अधिग्रहण जारी है, जबकि 97 निवेश समझौतों के लिए 75,234 एकड़ भूमि की आवश्यकता के अनुरूप प्रक्रिया चल रही है. (पीटीआई)

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