Explainer: किसानों को कैसे मिलेगा 2 लाख तक कर्जमाफी का लाभ? पूरी योजना समझिए

Explainer: किसानों को कैसे मिलेगा 2 लाख तक कर्जमाफी का लाभ? पूरी योजना समझिए

महाराष्ट्र बजट 2026 में किसानों के लिए बड़ा ऐलान हुआ है. 2 लाख रुपये तक के फसल लोन की माफी, 7.5 HP तक के सिंचाई पंप का बिजली बिल माफ, नेचुरल फार्मिंग मिशन और एग्री एक्सपोर्ट के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी कई योजनाएं घोषित की गई हैं.

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Explainer: किसानों को कैसे मिलेगा 2 लाख तक कर्जमाफी का लाभ? पूरी योजना समझिएमहाराष्ट्र के किसानों को मिलेगा लोनमाफी का फायदा

महाराष्ट्र सरकार ने बीते शुक्रवार (6 मार्च) को अपने 2026-27 के बजट में एक बड़े कृषि राहत पैकेज की घोषणा की. इसे लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 30 सितंबर, 2025 तक बकाया वाले किसानों के लिए 2 लाख रुपये तक के फसल लोन की सुविधा मिलेगी. इस घोषणा के बाद किसानों के मन में सवाल है कि सरकार कैसे और किस योजना के तहत लोन माफी का लाभ देगी. किसानों के सवालों का जवाब जानने के लिए नीचे कुछ जरूरी जानकारी दी जा रही है.

यह लोन माफी पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना के तहत लागू की जाएगी, जिसका मकसद ग्रामीण संकट को कम करना और कर्ज से जूझ रहे किसानों की मदद करना है. यह कदम 2024 के राज्य चुनावों से पहले महायुति गठबंधन द्वारा किए गए एक अहम चुनावी वादे को देखते हुए उठाया गया है.

इस योजना के तहत, 2 लाख रुपये तक के बकाया फसल लोन वाले किसानों को पूरी माफी मिलेगी, जबकि जिन लोगों ने नियमित रूप से अपना लोन चुकाया है, उन्हें समय पर चुकाने के लिए इनाम के तौर पर 50,000 रुपये तक का इनाम दिया जाएगा. राज्य सरकार का अनुमान है कि इस माफी अभियान से लाखों किसानों को फायदा हो सकता है.

पंप इस्तेमाल करने वालों के लिए बिजली बिल माफ

लोन माफी के साथ-साथ, सरकार ने 7.5 हॉर्सपावर तक के सिंचाई के पंप इस्तेमाल करने वाले किसानों के बिजली बिल माफ करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया. यह कदम खेती की लागत (इनपुट कॉस्ट) कम करने और ग्रामीण घरों पर पैसे का दबाव कम करने के लिए है.

एग्री एक्सपोर्ट के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म

मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार किसानों को उनकी उपज को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने में मदद करेगा. इसके लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर कीमत मिल सकेगी और खेती के सामान के लिए एक्सपोर्ट के मौके बढ़ेंगे.

नेचुरल खेती को बढ़ावा

सरकार ने ऐलान किया कि आने वाले सालों में महाराष्ट्र नेचुरल फार्मिंग मिशन लागू किया जाएगा ताकि खेती के टिकाऊ तरीकों को बढ़ावा दिया जा सके और केमिकल इनपुट पर निर्भरता कम की जा सके.

खेत के मजदूरों के लिए मदद

एक और कदम के तौर पर, खेत के मजदूरों को गोपीनाथ मुंडे एक्सीडेंट छूट ग्रांट स्कीम के तहत लाया जाएगा, जिससे खेती के काम में लगे मजदूरों को दुर्घटना मुआवजे का फायदा मिलेगा.

बजट में खेती से जुड़ी योजनाओं के लिए 7.69 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस बजट में गांवों को राहत देने, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और लंबे समय की आर्थिक तरक्की पर खास जोर दिया गया है.

हालांकि, कुछ किसान संगठनों का कहना है कि लोन माफी शायद खेती के क्षेत्र में गंभीर दिक्कतों को दूर करने के लिए काफी नहीं होगी, जिसमें बढ़ती लागत और फसल की अस्थिर कीमतें शामिल हैं. राज्य सरकार आने वाले हफ्तों में इन स्कीमों के लिए पात्रता मानदंड (एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया) और लागू करने की टाइमलाइन के बारे में और जानकारी जारी कर सकती है.

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