Maharshtra Budget 2026: किसानों का 2 लाख तक का फसल लोन होगा माफ, जानिए बजट के बड़े ऐलान

Maharshtra Budget 2026: किसानों का 2 लाख तक का फसल लोन होगा माफ, जानिए बजट के बड़े ऐलान

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. जिन किसानों का फसल ऋण 30 सितंबर 2025 तक बकाया था, उनका 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा. वहीं, समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन बोनस देने की घोषणा भी की गई है.

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Maharshtra Budget 2026: किसानों का 2 लाख तक का फसल लोन होगा माफ, जानिए बजट के बड़े ऐलानमहाराष्‍ट्र का बजट पेश करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखने की बात कही है. उन्होंने कहा कि राज्य की कृषि जीडीपी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए किसानों की उपज को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा. वहीं, किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल ऋण से जुड़े दो अहम फैसले लिए हैं. राज्य सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना’ के तहत घोषणा की है कि 30 सितंबर 2025 तक बकाया रहे फसल ऋण वाले पात्र किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा. 

समय पर कर्ज चुकाने वालों को 50 हजार का बोनस

इस फैसले से बड़ी संख्या में आर्थिक दबाव झेल रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही सरकार ने समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने का भी फैसला किया है. जिन किसानों ने लगातार अपने फसल ऋण समय पर चुकाए हैं, उन्हें 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन बोनस दिया जाएगा, ताकि समय से लोन चुकाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिले.

सरकार का कहना है कि इस कदम से किसानों को राहत मिलने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही आने वाले वर्षों में महाराष्‍ट्र प्राकृतिक खेती मिशन (Maharashtra Natural Farming Mission) लागू करने की घोषणा की गई, ताकि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिल सके और उत्पादन लागत कम हो.

मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना का ऐलान

बजट में कृषि से जुड़े सहायक क्षेत्रों को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया. सरकार ने बताया कि पशुपालन पहले से ही राज्य की कृषि आय में लगभग 25 प्रतिशत योगदान दे रहा है और इसे और बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना शुरू की जाएगी.

साथ ही खेत मजदूरों को गोपीनाथ मुंडे शेतकरी अपघट सुरक्षा आश्रय अंधन योजना (Gopinath Munde Accident Exemption Grant Scheme) के दायरे में लाने का फैसला किया गया है. मछली पालन और पशुपालन को कृषि से संबद्ध गतिविधि का दर्जा देने से इन क्षेत्रों को कृषि जैसी बुनियादी सुविधाएं और रियायतें मिलेंगी, जिससे उत्पादन में तेजी आने की उम्मीद है.

महिला किसानों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जाएंगी

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष को महिला किसानों के सम्मान में विशेष कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा. इसके तहत दुग्ध, पोल्ट्री और बकरी पालन से जुड़ी महिला किसानों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जाएंगी. साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले शहरी और ग्रामीण घरों में रूफटॉप सोलर लगाने पर अतिरिक्त सब्सिडी देने का भी ऐलान किया गया, ताकि ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके.

इसके अलावा राज्य सरकार की मुख्‍यमंत्री लाडकी बह‍िण योजना को जारी रखने का भी आश्वासन दिया गया है. मुख्यमंत्री के अनुसार इस योजना के जरिए अब तक लगभग 37 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य अगले चरण में करीब 25 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है (रि‍त्‍व‍िक भालेकर का इनपुट)

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