किसानों से ज्यादा ब्याज वसूलने वाले साहूकारों पर गिरेगी गाज, महाराष्ट्र में शुरू हुई कड़ी कार्रवाई

किसानों से ज्यादा ब्याज वसूलने वाले साहूकारों पर गिरेगी गाज, महाराष्ट्र में शुरू हुई कड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि तय नियमों से ज्यादा ब्याज वसूलने वाले लाइसेंसधारी साहूकारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे. चंद्रपुर जिले के उस मामले के बाद, जिसमें एक किसान ने कर्ज चुकाने के लिए कथित तौर पर अपनी किडनी बेच दी, सरकार ने गैर-कानूनी और कानून तोड़ने वाले साहूकारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है.

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किसानों से ज्यादा ब्याज वसूलने वाले साहूकारों पर गिरेगी गाज, महाराष्ट्र में शुरू हुई कड़ी कार्रवाईअधिक ब्याज लेने वाले साहूकारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि तय नियमों से अधिक ब्याज लेने वाले लाइसेंसधारी साहूकारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनके लाइसेंस भी रद्द कर दिए जाएंगे. प्राइवेट साहूकारों द्वारा किसानों को परेशान करने के बारे में विधान परिषद में एक सवाल का जवाब देते हुए, फडणवीस ने कहा कि कानून तोड़ने वाले लाइसेंसधारी और गैर-कानूनी, दोनों तरह के साहूकारों के खिलाफ सजा की कार्रवाई की जाएगी.

चर्चा में चंद्रपुर जिले के एक चौंकाने वाले मामले का जिक्र किया गया, जहां एक किसान ने कथित तौर पर एक प्राइवेट साहूकार से लिया गया कर्ज चुकाने के लिए अपनी किडनी बेच दी.

सख्त कार्रवाई की चेतावनी

फडणवीस ने कहा, "गैर-कानूनी साहूकार भी होते हैं और लाइसेंस वाले साहूकार भी. बिना इजाजत वाले साहूकारों द्वारा दिया गया कर्ज गैर-कानूनी है. अगर कोई लाइसेंस वाला साहूकार तय दर से ज्यादा ब्याज लेता है, तो हम कार्रवाई करेंगे और लाइसेंस रद्द कर देंगे." उन्होंने परेशान लोगों से पुलिस से संपर्क करने और गलती करने वाले साहूकारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की अपील की.

गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण), पंकज भोयर ने कहा कि माइक्रो-फाइनेंसिंग गतिविधियां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकार क्षेत्र में आती हैं. उन्होंने कहा कि कानून साफ ​​तौर पर साहूकारों को तय लिमिट से ज्यादा ब्याज दर लेने से रोकते हैं.

18 परसेंट से ज्यादा ब्याज

भोयर ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने उन साहूकारों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है जो 9, 12, 15 और 18 परसेंट से ज्यादा ब्याज दर ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनकी संपत्ति कुर्क करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

किडनी व्यापार के आरोप के बारे में, भोयर ने सदन को बताया कि ऐसे मामलों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है.

इस सवाल का जवाब देते हुए कि क्या ऐसे मामलों में सख्त महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाया जाएगा, भोयर ने कहा कि SIT की जांच पूरी होने के बाद फैसला लिया जाएगा.

किडनी बेचने का मामला

अभी हाल में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में कर्ज के बदले किसान की किडनी बेचने का मामला सामने आया था, जिससे प्रशासन में भी हड़कंप है. कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने दावा किया था कि मामूली कर्ज का ब्‍याज चुकाते-चुकाते हालात ऐसे बन गए कि उसे अपनी किडनी तक बेचनी पड़ी. अब पुलिस जांच में सामने आई सच्‍चाई से दावा और भी गंभीर हो गया है. मेडिकल जांच में पाया गया है कि किसान के शरीर में वास्तव में सिर्फ एक ही किडनी है.(PTI)

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