लातूर में जन्मदिन पर किसान ने दी जान.(Photo: Representational)महाराष्ट्र के लातूर जिले से किसान की आत्महत्या का दुखद मामला सामने आया है. रेनापुर के रहने वाले 44 वर्षीय किसान विलास सुभाष कुर्हाड़े ने रविवार को अपने जन्मदिन के दिन आत्महत्या कर ली. उनका शव रेनापुर से करीब 3 किलोमीटर दूर उनके खेत में आम के पेड़ से लटका हुआ मिला. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार, विलास सुभाष कुर्हाड़े रविवार सुबह अपने घर से खेत जाने की बात कहकर निकले थे. इसके बाद उनका शव उनके खेत में आम के पेड़ से लटका हुआ मिला. खेत में शव मिलने की जानकारी आसपास के लोगों ने उनके परिवार को दी. इसके बाद पुलिस को भी सूचना दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची.
परिवार ने पुलिस को बताया कि विलास कुर्हाड़े का जन्मदिन भी रविवार को ही था. उन्होंने अपना 44वां जन्मदिन पूरा किया था. जिस दिन परिवार उनके जन्मदिन की खुशी मनाने की तैयारी कर रहा था, उसी दिन उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया.
पुलिस का कहना है कि किसान ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है. रेनापुर पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक, अभी तक ऐसा कोई कारण सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर आत्महत्या की वजह को निश्चित रूप से बताया जा सके. मामले की जांच पूरी होने के बाद ही इसके पीछे की सही वजह सामने आ पाएगी.
लातूर जिले में इस साल मॉनसून के दौरान कम बारिश हुई है. कम बारिश के कारण महाराष्ट्र सरकार ने लातूर के कुछ इलाकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है. बारिश की कमी का सीधा असर खेती पर पड़ा है. पानी की कमी के कारण किसानों को फसलों को बचाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लातूर में किसान पहले भी फसल खराब होने और आर्थिक परेशानी जैसी समस्याओं से जूझते रहे हैं. ऐसे में कम बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है. हालांकि, विलास कुऱ्हाडे की आत्महत्या का सूखे या किसी अन्य कारण से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुलिस जांच कर रही है.
लातूर में इससे पहले भी किसान आत्महत्या का एक मामला सामने आया था. रिपोर्ट के मुताबिक, किसान तुकाराम निवृत्ति गुट्टे ने भी आत्महत्या की थी. उनके परिवार का कहना था कि उन्होंने इस साल सोयाबीन की फसल लगाई थी. परिवार के अनुसार, इलाके में सूखे जैसी स्थिति के कारण खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल खराब हो गई थी. फसल के नुकसान और कर्ज को लेकर तुकाराम परेशान थे. परिवार ने बताया कि इसी परेशानी के बीच उन्होंने आत्महत्या कर ली. लातूर में लगातार कम बारिश और खेती से जुड़ी परेशानियों ने किसानों के सामने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. विलास कुर्हाड़े की मौत के मामले में भी पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. फिलहाल आत्महत्या की असली वजह सामने नहीं आई है. (PTI)
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