
बारामती में किसान तक ने आयोजित किया किसान सम्मान समारोहकिसानों को सम्मान देने और आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से किसान तक की पहल पर हाल ही में बारामती में किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बारामती कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), बारामती एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ट्रस्ट और STIHL इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया। डॉ. शरदचंद्र पवार कृषि एवं संलग्न महाविद्यालय, बारामती के मंथन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। इस अवसर पर खेती में इनोवेशन करने वाले और अलग पहचान बनाने वाले किसानों को मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को आधुनिक खेती, कृषि यंत्रीकरण और नई तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
किसान तक लगातार देशभर के किसानों को नई जानकारी और प्रेरणा देने के लिए काम कर रहा है। इसी पहल के तहत बारामती में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को सामने लाया गया। इस मंच के जरिए किसानों को नई तकनीकों, आधुनिक कृषि मशीनों और उन्नत खेती के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई, ताकि वे खेती को और अधिक लाभकारी बना सकें।
इसी कार्यक्रम से STIHL इंडिया की ‘परिवर्तन यात्रा’ की भी औपचारिक शुरुआत की गई। यह यात्रा देशभर के 100 कृषि विज्ञान केंद्रों तक पहुंचेगी। इस यात्रा का उद्देश्य किसानों को कृषि यंत्रीकरण, आधुनिक मशीनों के उपयोग और नई खेती तकनीकों के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही हर पड़ाव पर उन किसानों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने खेती में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य कर मिसाल कायम की है। बारामती केवीके इस यात्रा का पहला पड़ाव बना, जहां से इस अभियान की शुरुआत की गई।

इस कार्यक्रम में एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ट्रस्ट, बारामती के चेयरमैन श्री राजेंद्र पवार भी मौजूद रहे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए देश और दुनिया में हो रहे एग्रीकल्चर इनोवेशन, नई तकनीकों और आधुनिक खेती के तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सीधे संवाद करते हुए उनकी खेती, फसलों और चुनौतियों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की।
इसके अलावा STIHL इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर परिंद प्रभुदेसाई और मार्केटिंग डायरेक्टर शोभित बहल ने भी मंच से किसानों को संबोधित किया। उन्होंने STIHL परिवर्तन यात्रा के उद्देश्य और किसानों तक आधुनिक मशीनरी पहुंचाने की कंपनी की पहल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान बारामती केवीके के सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट (एग्रोनॉमी) संतोष वी. करंजे ने किसानों को खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसान उन्नत बीज, सही पोषण प्रबंधन और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाएं, तो एक एकड़ जमीन से 75 क्विंटल तक मक्का उत्पादन हासिल किया जा सकता है। उनकी इस जानकारी से किसानों को आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला।

कार्यक्रम के दौरान खेती में बेहतरीन काम करने वाले कई किसानों को मंच पर सम्मानित किया गया
1.महेंद्र तुकाराम थोरात – Best Innovative Farmer
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से गन्ने में 100 टन प्रति एकड़ उत्पादन हासिल किया
2. जनार्दन कोंडिबा सालुंखे – Best Progressive Farmer
क्वालिटी सीड प्रोडक्शन और Integrated Farming System (IFS) मॉडल पर काम
3. तुकाराम सोपन सोराटे – Best Dairy Farmer
50 गिर गायों का डेयरी फार्म, दूध और डेयरी उत्पादों में वैल्यू एडिशन
4. नामदेव असरजी मडाने – Best Millionaire Farmer
जामुन और सहजन (ड्रमस्टिक) की एक्सपोर्ट क्वालिटी खेती, साथ ही बकरी पालन।
5. मल्हारी सुभाष शिंदे – Best Young Farmer
एक्सपोर्ट क्वालिटी अंगूर और अनार उत्पादन के लिए सम्मानित।
6. सुरेखा नवनीत इंदलकर – Best Women Farmer
खेती में होम्योपैथी के उपयोग के लिए सम्मानित।
7. मोनाली प्रशांत गावड़े – Best Women Entrepreneur
200 मधुमक्खी बक्सों के साथ शहद उत्पादन और व्यापार का सफल मॉडल।
8. गोकुल स्वयं सहायता महिला बचत समूह – Best Self Help Group (SHG)
21 प्रकार के मसाले, 6 तरह की चटनी और 12 तरह के अचार का उत्पादन।
9.इंदापुर तालुका एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड – Best FPO
कृषि इनपुट, बीज और पशु आहार के कारोबार में मासिक लगभग 25 लाख रुपये का टर्नओवर।
10. दौंड फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड – Best FPO
प्याज उत्पादन, खरीद, भंडारण और मार्केटिंग में काम, करीब 1 करोड़ रुपये का टर्नओवर।
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today