सब्जियों की खाद्य महंगाई दर बढ़कर 9 फीसदी के पार होने की आशंका जताई गई है.खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती महंगाई और मौसम में गर्मी ने कई वस्तुओं की कीमतों में इजाफा किया है. इसमें हरी सब्जियां, दाल, चीनी, चना समेत कुछ अनाज की कीमतों में भी उछाल दर्ज किया गया है. ऐसे में अप्रैल माह की खुदरा महंगाई दर और खाद्य महंगाई दर में उछाल का अनुमान जताया गया है. मार्च 2024 में खुदरा महंगाई दर 4.85 फीसदी दर्ज की गई थी. जबकि, सब्जियों की महंगाई दर बढ़कर 9 फीसदी के पार होने की आशंका जताई गई है.
सांख्यिकी मंत्रालय आज 13 मई को रिटेल महंगाई दर के आंकड़े जारी करेगा, जिससे बाजार की स्थिति की रफ्तार पता चल जाएगी. सब्जियों की कीमतों में जारी उछाल ने अप्रैल माह की महंगाई दर को बढ़ाने के संकेत दिए हैं. पिछले सप्ताह आलू की कीमत में 12 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया. चीनी की कीमत में 5 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया. इसी तरह हरी सब्जियों की कीमतें भी बढ़ रही हैं. तापमान बढ़ने से इन वस्तुओं की खपत भी बढ़ी है, जिससे कीमतों पर असर पड़ा है.
क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विपरीत मौसम के साथ ही कीटों के प्रभाव के चलते सब्जियों का कम उत्पादन भी कीमतों में इजाफे की वजह है. क्रिसिल ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जून तक सामान्य से तापमान ऊपर रहने की संभावना है. इसका असर जायद और खरीफ सीजन की सब्जियों के उत्पादन पर पड़ेगा. फर्म का अनुमान है कि इसके चलते अगले कुछ महीनों तक सब्जियों की कीमतें ऊंची रह सकती हैं.
सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2024 में खुदरा महंगाई दर 4.85 फीसदी दर्ज की गई थी. जबकि, खाद्य महंगाई दर 8.52 फीसदी रही है. अप्रैल में सब्जियों की महंगाई दर दोहरे अंक में बने रहे की संभावना जताई जा रही है. क्योंकि, सब्जियों की कीमतें बीते 12 माह में तेजी से बढ़ी हैं. महंगाई दर में सब्जियों का वेटेज लगभग 7.5 प्रतिशत है. खाद्य मुद्रास्फीति में सब्जियों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है. खाद्य महंगाई दर 9 फीसदी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.
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