भारत के पास 602 LMT अनाज का बफर स्टॉक, सरकार ने कहा– इमरजेंसी के लिए पर्याप्त भंडार

भारत के पास 602 LMT अनाज का बफर स्टॉक, सरकार ने कहा– इमरजेंसी के लिए पर्याप्त भंडार

भारत के पास 602 लाख मीट्रिक टन अनाज का मजबूत बफर स्टॉक मौजूद है, जिससे PDS और इमरजेंसी जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकता है. सरकार ने खाद्य तेल आपूर्ति को स्थिर और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों को सुरक्षित बताया है.

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भारत के पास 602 LMT अनाज का बफर स्टॉक, सरकार ने कहा– इमरजेंसी के लिए पर्याप्त भंडारसरकार का दावा-देश में खाद्यान्न का बफर स्टॉक पर्याप्त

केंद्र सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग में संयुक्त सचिव सी. शिखा ने सोमवार को कहा कि भारत के पास अनाज का पर्याप्त बफर स्टॉक है, जो तय लिमिट से कहीं अधिक है. उन्होंने बताया कि देश के पास अभी लगभग 222 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं और लगभग 380 LMT चावल है, जिससे कुल अनाज स्टॉक लगभग 602 LMT हो जाता है.

शिखा ने एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा, "हमारे पास गेहूं और चावल दोनों का पर्याप्त बफर स्टॉक है, जो बफर स्टॉक के तय लिमिट से तीन गुना अधिक है. गेहूं का हमारे पास लगभग 222 LMT स्टॉक है. चावल का हमारे पास लगभग 380 LMT स्टॉक है. तो कुल मिलाकर, हमारे पास लगभग 602 LMT अनाज स्टॉक उपलब्ध है. यह PDS (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) की जरूरतों को पूरा करने के लिए, और यदि कोई इमरजेंसी जरूरत पड़ती है, तो उसे भी पूरा करने के लिए काफी है."

खाद्य तेलों की सप्लाई जारी

शिखा ने आगे बताया कि इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राजील जैसे प्रमुख साझेदारों से आयात (खाद्य तेल) लगातार जारी रहा है, जिससे कुल सप्लाई में स्थिरता बनी हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि सरसों के उत्पादन में सुधार से घरेलू उपलब्धता भी मजबूत हुई है, खासकर खाने के तेल के क्षेत्र में.

शिखा ने कहा, "प्रमुख साझेदारों से आयात लगातार जारी रहा है, और हमारे प्रमुख साझेदारों में इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राजील शामिल हैं. सरसों के उत्पादन में सुधार से घरेलू आपूर्ति मजबूत हुई है. कुल आपूर्ति स्थिर बनी हुई है. सरकार इस पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर दखल देगी."

इस बीच, शिपिंग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और समुद्री ऑपरेशन स्थिर बना हुआ है. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. उन्होंने कहा, "पिछले दो दिनों में, LPG ले जा रहे भारतीय ध्वज वाले दो जहाज - ग्रीन संघवी और ग्रीन आशा - होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजर गए हैं."

समुद्र में भारतीय नाविक सुरक्षित

मंगल ने आगे बताया कि इस समय पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 16 जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 433 भारतीय नाविक सवार हैं. उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए है, ताकि नाविकों की सुरक्षा और भलाई के साथ-साथ समुद्री ऑपरेशन भी बिना किसी रुकावट के चलता रहे.

इससे पहले, जहाजरानी मंत्रालय ने बताया था कि फारस की खाड़ी में 18 जहाज और लगभग 485 नाविक मौजूद थे. खाड़ी क्षेत्र में हाल की घटनाओं पर मुकेश मंगल ने कहा कि फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय जहाजों और उनके चालक दल पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

उन्होंने कहा, "फारस की खाड़ी में मौजूद सभी नाविक सुरक्षित हैं," और आगे जोड़ा, "इस क्षेत्र में लगभग 485 नाविकों के साथ 18 भारतीय जहाज मौजूद हैं. अब तक 964 से ज्यादा नाविकों को स्वदेश वापस लाया जा चुका है, जबकि पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य रूप से जारी है."

बंदरगाहों के ऑपरेशन के बारे में उन्होंने कहा, "हम बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए हैं." एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की बदलती स्थिति के बीच, लगभग 5,98,000 यात्री भारत लौट चुके हैं.

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