फलों और सब्जियों पर हरियाणा ग्रामीण विकास निधि शुल्क को समाप्त करने की भी घोषणा की गई.हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों को कई तोहफे देने की घोषणा कर दी है, जिसके तहत पंचकूला में फल और सब्जी मंडी का उद्घाटन किया गया है. साथ ही पिंजौर मंडी का शुल्क 1 फीसदी घटा दिया है. जबकि, फलों और सब्जियों पर हरियाणा ग्रामीण विकास निधि शुल्क को खत्म करने की भी घोषणा की गई. इसके साथ ही राज्य में बन रही 3 मंडियों में बागवानी, फूल और मसाला मंडी से किसानों की आय बढ़ाने की बात कही गई. राज्य सरकार ने किसान और खेतिहर मजदूरों की जीवन रक्षा कवरेज की उम्र सीमा 10 साल बढ़ाकर 75 वर्ष कर दिया है.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर में सेब, फल और सब्जी मंडी के पहले चरण का उद्घाटन किया और किसानों-व्यापारियों के कल्याण के लिए कई लाभों की घोषणा की. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पंचकूला जिले में इस मंडी में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने मंडी शुल्क को 1 फीसदी से घटाकर 0.5 फीसदी करने की घोषणा की है. इसके अलावा उन्होंने हरियाणा मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना 2013 का विस्तार कर दिया है, जिसके तहत कवरेज के लिए ऊपरी आयु सीमा मौजूदा 10 से 65 वर्ष से बढ़ाकर 10 से 75 वर्ष कर दी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिंजौर में सेब, फल और सब्जी मंडी एशिया की सबसे बड़ी आधुनिक मंडी होगी. 78 एकड़ में फैली इस मंडी के निर्माण पर 220 करोड़ रुपये की लागत आएगी. पहले चरण का निर्माण 10 एकड़ में 14.66 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. जबकि, दूसरे चरण का काम प्रगति पर है और 31 दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इस मंडी के बनने से हरियाणा के फल और सब्जी उत्पादक किसानों और व्यापारियों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के सेब उत्पादकों और व्यापारियों को भी फायदा होगा.
सैनी ने कहा कि हरियाणा की विभिन्न मंडियों में सालाना औसतन 210 लाख क्विंटल फल और सब्जियां आती हैं. फिलहाल सबसे बड़ी सेब मंडी पंचकूला के सेक्टर 20 में है. उन्होंने कहा कि पंचकूला मंडी में जगह कम होने के चलते यह बड़ी मंडी पिंजौर में बनाई जा रही है. पहले हरियाणा के फल व्यापारी हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से फल लाकर सीधे दिल्ली में बेचते थे. अब इस मंडी के बनने से व्यापारी यहां फल और सब्जियां खरीद और बेच सकेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंडी में ई-नीलामी के जरिए 77 दुकानें और प्लॉट बेचे जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस मंडी से व्यापारियों और उत्पादकों को फलों और सब्जियों के रखरखाव और व्यापार के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से हरियाणा का प्रवेश द्वार होने के चलते पिंजौर सेब व्यापार का प्रमुख केंद्र बनेगा. उन्होंने कहा कि हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के सेब व्यापारी सेब व्यापार के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संपर्क में हैं, जिससे पिंजौर सेब व्यापार का केंद्र बन गया है.
सीएम ने कहा कि गन्नौर में बागवानी मंडी स्थापित की जा रही है. गुरुग्राम में फूलों की मंडी बनाई जा रही है, जबकि सोनीपत के सेरसा गांव में करीब 16 एकड़ जमीन पर 35 करोड़ रुपये की लागत से मसाला मंडी बनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि बीज से बाजार तक सरकार ने किसानों को हर संभव सहायता की है. इसी वजह से 2022-23 में राज्य का अनाज उत्पादन बढ़कर 184 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गया है. यह गर्व की बात है कि केंद्रीय अनाज भंडार में योगदान देने में हरियाणा दूसरे स्थान पर है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों और खेत मजदूरों को बिजली गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाता था. लेकिन, अब मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना में ऐसी दुर्घटनाओं को भी कवर किया जाएगा. प्राकृतिक आपदाओं से फसल के नुकसान का मुआवजा दिया जा रहा है. विवादों का समाधान नीति के बारे में उन्होंने घोषणा की कि मार्केट यार्ड में सभी प्लॉट धारकों से कोई चक्रवृद्धि ब्याज नहीं लिया जाएगा और सभी बकाया राशि की गणना केवल साधारण ब्याज पर की जाएगी. इसके अलावा अगर किस्त का भुगतान तय तिथि से 20 दिनों के भीतर किया जाता है तो कोई दंडात्मक ब्याज नहीं लिया जाएगा. उन्होंने सभी फलों और सब्जियों पर हरियाणा ग्रामीण विकास निधि शुल्क हटाने की भी घोषणा की और विवादों का समाधान योजना को 30 सितंबर 2024 तक बढ़ा दिया.
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