युद्ध की आंच से बचाएगा इथेनॉलपश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार को एक बड़ा प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा है कि पेट्रोल में 20 फीसदी से भी ज्यादा इथेनॉल मिलाया जा सकता है. AIDA का मानना है कि अगर ऐसा किया जाता है, तो भारत को बाहर से कच्चा तेल कम मंगवाना पड़ेगा, यानी आयात पर निर्भरता घटेगी. इस संबंध में AIDA के उप महानिदेशक भारती बालाजी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि इथेनॉल इंडस्ट्री अब इतनी सक्षम हो चुकी है कि वह E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) के लक्ष्य से आगे भी बढ़ सकती है.
भारती बालाजी ने अपने पत्र में लिखा है कि अभी मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात हैं और तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. ऐसे समय में इथेनॉल इंडस्ट्री पेट्रोल में 20 फीसदी से ज्यादा इथेनॉल मिलाने के लिए तैयार है. इससे भारत को कम कच्चा तेल आयात करना पड़ेगा. उन्होंने यह भी बताया है कि अगर इथेनॉल का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए, तो तेल की सप्लाई में आने वाली दिक्कतों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को भी कम किया जा सकता है.
भारत ने 2025 में तय समय से पहले ही पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने (E20) का लक्ष्य हासिल कर लिया है. यह लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसलिए रखा था, ताकि विदेशों से तेल मंगाने का खर्च कम हो और प्रदूषण भी घटे. अब एसोसिएशन की मांग है कि सरकार धीरे-धीरे इथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दे.
एआईडीए ने सरकार को कुछ और अहम सुझाव भी दिए हैं. उन्होंने कहा है कि ब्राजील की तरह भारत में भी ऐसे फ्लेक्स-फ्यूल वाहन शुरू किए जाएं, जो 100 फीसदी इथेनॉल पर चल सकें. इसके साथ ही घरों और दुकानों में इस्तेमाल के लिए इथेनॉल से चलने वाले चूल्हों को बढ़ावा देने की बात कही गई है. डीजल में भी इथेनॉल मिलाने की संभावनाओं पर काम करने का सुझाव दिया गया है, ताकि लागत कम की जा सके.
संस्था का कहना है कि इथेनॉल से खाना बनाने वाले चूल्हे साफ और सुरक्षित ऊर्जा का अच्छा विकल्प बन सकते हैं, खासकर छोटे शहरों और गांवों में इससे लोगों को स्वच्छ ईंधन मिलेगा और घर के अंदर होने वाला धुआं और प्रदूषण भी कम होगा. बता दें कि भारत में इथेनॉल उत्पादन भी तेजी से बढ़ा है. अभी देश में करीब 2,000 करोड़ लीटर इथेनॉल बनाने की क्षमता है. वहीं, 380 से ज्यादा डिस्टिलरी पहले से काम कर रही हैं और 33 नई डिस्टिलरी बनने की प्रक्रिया में हैं.
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