अल नीनो के खतरे के बीच जल संकट की चिंता, देश के बांधों में सिर्फ 28% पानी बाकी

अल नीनो के खतरे के बीच जल संकट की चिंता, देश के बांधों में सिर्फ 28% पानी बाकी

अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए देश में जल संकट की चिंता बढ़ गई है. केंद्रीय जल आयोग (CWC) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, देश के 166 प्रमुख जलाशयों में केवल 28.28% पानी ही बचा है. हालांकि यह स्तर सामान्य से बेहतर है, लेकिन कुछ क्षेत्रों—खासकर पूर्वी और दक्षिणी भारत—में जल भंडारण चिंता का विषय बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मॉनसून कमजोर रहा, तो पानी और बिजली दोनों पर दबाव बढ़ सकता है.

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अल नीनो के खतरे के बीच जल संकट की चिंता, देश के बांधों में सिर्फ 28% पानी बाकीदेश के जलाशयों में पानी की कमी

अल नीनो के संभावित खतरों के बीच देश में पानी को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. जल संकट की आशंका को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग यानी CWC की रिपोर्ट पर पूरी निगाहें लगी हैं. CWC देश के 166 प्रमुख जलाशयों में पानी की स्थिति की निगरानी कर रहा है और हर गुरुवार को इसकी रिपोर्ट जारी करता है. इन जलाशयों की कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 183.565 BCM है, जो देश की कुल अनुमानित क्षमता का करीब 71.20 प्रतिशत हिस्सा है. इन 166 जलाशयों में से 20 जलाशय पनबिजली परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं, जिनकी कुल क्षमता 35.299 BCM है. यानी बिजली उत्पादन और पानी, दोनों पर इसका असर पड़ सकता है. 11 जून को जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, इन जलाशयों में फिलहाल सिर्फ 51.917 BCM पानी उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का मात्र 28.28 प्रतिशत है.

हालांकि, राहत की बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले थोड़ा बेहतर है. पिछले साल इसी समय जलाशयों में 56.533 BCM पानी था, जबकि सामान्य यानी औसत स्टोरेज 44.834 BCM रहता है. आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा जल स्तर पिछले साल के मुकाबले 91.83 प्रतिशत और सामान्य स्तर के मुकाबले 115.80 प्रतिशत है. लेकिन सवाल यही है कि क्या यह आने वाले महीनों की पानी की जरूरतों के लिए पर्याप्त होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अल नीनो का प्रभाव बढ़ता है और बारिश सामान्य से कम होती है, तो देश के कई हिस्सों में जल संकट गहराने की आशंका है. ऐसे में सरकार और एजेंसियों के लिए जल प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकता है.

क्षेत्र-वार स्टोरेज की स्थिति

a) उत्तरी क्षेत्र

उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान राज्य शामिल हैं. CWC की निगरानी में 11 जलाशय हैं, जिनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 19.836 BCM है. 11 जून के जलाशय स्टोरेज बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में उपलब्ध कुल लाइव स्टोरेज 6.672 BCM है, जो इनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता का 33.64% है. पिछले साल इसी अवधि में स्टोरेज 28.67% था और इसी अवधि में सामान्य स्टोरेज इन जलाशयों की लाइव स्टोरेज क्षमता का 28.79% था. इस तरह, इस साल का स्टोरेज पिछले साल की इसी अवधि के स्टोरेज और इसी अवधि के सामान्य स्टोरेज, दोनों से बेहतर है.

b) पूर्वी क्षेत्र

पूर्वी क्षेत्र में असम, बिहार, झारखंड, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं. CWC की निगरानी में 27 जलाशय हैं जिनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 21.759 BCM है. 11 जून के जलाशय स्टोरेज बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में कुल उपलब्ध लाइव स्टोरेज 4.736 BCM है, जो इनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता का 21.77% है. पिछले साल इसी अवधि में स्टोरेज 24.57% था और इसी अवधि में सामान्य स्टोरेज इन जलाशयों की लाइव स्टोरेज क्षमता का 24.22% था. इस तरह, इस साल का स्टोरेज पिछले साल की इसी अवधि के स्टोरेज और इसी अवधि के सामान्य स्टोरेज, दोनों से कम है.

c) पश्चिमी क्षेत्र

पश्चिमी क्षेत्र में गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र राज्य शामिल हैं. CWC की निगरानी में 53 जलाशय हैं जिनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 38.094 BCM है. 11 जून के जलाशय स्टोरेज बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में कुल उपलब्ध लाइव स्टोरेज 11.858 BCM है, जो इनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता का 31.13% है. पिछले साल इसी अवधि में स्टोरेज 30.07% था और इसी अवधि में सामान्य स्टोरेज इन जलाशयों की लाइव स्टोरेज क्षमता का 22.80% था. इस तरह, इस साल का स्टोरेज पिछले साल के स्टोरेज और इसी अवधि के सामान्य स्टोरेज, दोनों से बेहतर है.

d) मध्य क्षेत्र

मध्य क्षेत्र में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य शामिल हैं. CWC की निगरानी में 28 जलाशय हैं जिनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 48.588 BCM है. 11 जून के जलाशय भंडारण बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में कुल उपलब्ध लाइव स्टोरेज 17.049 BCM है, जो इनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता का 35.09% है. पिछले साल इसी अवधि में भंडारण 30.33% था और सामान्य भंडारण 27.62% था. इस प्रकार, इस साल का भंडारण पिछले साल के भंडारण और इसी अवधि के सामान्य भंडारण, दोनों से बेहतर है.

e) दक्षिणी क्षेत्र

दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्य शामिल हैं. CWC की निगरानी में 47 जलाशय हैं जिनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 55.288 BCM है. 11 जून के जलाशय भंडारण बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में कुल उपलब्ध लाइव स्टोरेज 11.602 BCM है, जो इनकी कुल लाइव स्टोरेज क्षमता का 20.98% है. पिछले साल इसी अवधि में भंडारण 34.93% था और सामान्य भंडारण 21.24% था. इस प्रकार, इस साल का भंडारण पिछले साल के भंडारण और इसी अवधि के सामान्य भंडारण, दोनों से कम है.

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