गुजरात बनेगा कृषि रसायन का नया केंद्रएग्रोकेमिकल कंपनी क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन ने एक बड़ी जानकारी दी है. कंपनी ने बताया कि उसने गुजरात के झागड़िया (भरूच) में 31.06 एकड़ जमीन और संपत्ति खरीदी है. यह जमीन कुर्ल-ऑन लिमिटेड से ली गई है. इस जगह पर कंपनी एक नया और आधुनिक कारखाना लगाएगी. इस कारखाने में खेती में काम आने वाली दवाइयां बनाई जाएंगी.
कंपनी ने कहा है कि वह इस नए कारखाने पर तीन साल में 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी. यह कारखाना पूरी तरह से आधुनिक और ऑटोमैटिक होगा. इसका मतलब है कि यहां मशीनों की मदद से काम होगा और दवाइयां बहुत अच्छे तरीके से बनाई जाएंगी. इससे काम तेज होगा और दवाइयों की गुणवत्ता भी अच्छी रहेगी.
इस नए प्लांट में शुरू में हर साल 50,000 टन खेती की दवाइयां बनाई जाएंगी. कंपनी ने यह भी बताया कि आगे चलकर इस कारखाने की क्षमता बढ़ाई जा सकती है. जरूरत पड़ने पर यहाँ से हर साल 1,20,000 टन तक दवाइयां बनाई जा सकेंगी. इससे किसानों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा किया जा सकेगा.
इस कारखाने में खेती में काम आने वाली कई तरह की दवाइयां बनाई जाएंगी. इनमें खरपतवार नाशक, फफूंद नाशक और कीट नाशक दवाइयां शामिल होंगी. ये दवाइयां फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाने में मदद करती हैं. कंपनी ने बताया कि यहाँ “टॉपर”, “टिल्ट”, “प्रोक्लेम”, “मिसाइल” और “ACM 9” जैसे उत्पाद बनाए जाएँगे.
कंपनी ने कहा कि यह दवाइयां भारत के किसानों के लिए बनाई जाएंगी. इसके साथ ही इन्हें एशिया और अफ्रीका के कई देशों में भी भेजा जाएगा. इससे भारत की कृषि दवाइयों की पहचान दुनिया में और मजबूत होगी और देश को निर्यात से फायदा मिलेगा.
क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर अग्रवाल ने कहा कि झागड़िया में बनने वाला यह नया कारखाना कंपनी के लिए बहुत खास है. उन्होंने बताया कि यह विश्व स्तर का प्लांट होगा और इससे कंपनी की खेती के लिए बेहतर उत्पाद देने की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी.
कंपनी ने बताया कि गुजरात को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यहाँ काम करने की लागत सही है और नियम भी साफ़ हैं. इसके अलावा गुजरात में रसायन उद्योग के लिए मजबूत सप्लाई चेन है. झागड़िया की जगह से दहेज, हजीरा और जेएनपीटी जैसे बड़े बंदरगाह पास हैं, जिससे सामान भेजना आसान होगा.
इस नए कारखाने से किसानों को अच्छी और भरोसेमंद दवाइयां मिलेंगी. साथ ही इससे रोजगार के नए मौके भी बनेंगे. यह परियोजना भारत की कृषि और रसायन उद्योग को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी.
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