काजू की खेती बनेगी फायदे का सौदा, ICAR ने तैयार की ये खास वैरायटी

काजू की खेती बनेगी फायदे का सौदा, ICAR ने तैयार की ये खास वैरायटी

खेती-किसानी में हो रहे लगातार बदलाव को देखते हुए कृषि क्षेत्र में कई नए काम किए जा रहे हैं. ऐसे में अब कृषि वैज्ञानिक भी खेती में अधिक उपज के लिए फसलों की नई किस्मों को तैयार कर रहे हैं. इसी दिशा में ICAR ने काजू की एक नई और उन्नत किस्म को विकसित किया है.

Advertisement
काजू की खेती बनेगी फायदे का सौदा, ICAR ने तैयार की ये खास वैरायटीकाजू की खेती

देश के किसानों के बीच लगातार विदेशी फलों की खेती को देखते हुए कृषि क्षेत्र में कई नए काम किए जा रहे हैं. ऐसे में अब कृषि वैज्ञानिक भी खेती में अधिक कमाई वाली फसलों की नई किस्मों को तैयार कर रहे हैं, जो कम पानी, गर्मी पाला या अन्य चुनौतियों में भी अच्छा उत्पादन दे सकें. इसी दिशा में ICAR-काजू अनुसंधान निदेशालय, पुत्तूर ने काजू की एक नई और उन्नत किस्म को विकसित किया है. इस किस्म का नाम 'नेत्रा उभया (NRC 175)' है. ये किस्म न सिर्फ उच्च उपज देने वाली है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को झेलने में भी सक्षम है. ऐसे में आइए जानते हैं इसकी खासियत क्या-क्या है.

'नेत्रा उभया (NRC 175)' की खासियत

ICAR द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 'नेत्रा उभया (NRC 175)' काजू समय पर बुवाई और सिंचित परिस्थितियों के लिए उपयुक्त किस्म है. वैसे तो काजू बुवाई के करीब 3 से 4 साल बाद फल देना शुरू कर देते हैं. लेकिन ये किस्म 2-3 साल में फल देता है. बात करें इस किस्म से होने वाली पैदावार की तो, किसान इस किस्म से प्रति पेड़ औसतन 20 किलो तक पैदावार ले सकते हैं. इसके साथ ही काजू के इस किस्म की फल लगभग 2.44 ग्राम के होते हैं. साथ ही इस किस्म के एक गुच्छे में 6–8 काजू लगते हैं. इसका ग्रेड W210 है, जो अच्छी क्वालिटी मानी जाती है.

काजू की खेती के बेस्ट मिट्टी

काजू की खेती के लिए किसी खास मिट्टी की जरूरत नहीं होती है, यह लगभग हर तरह की मिट्टी में उग सकता है, लेकिन लाल दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. वहीं, काजू की खेती मैदानों के साथ-साथ 600–700 फीट तक की ऊंचाई वाले इलाके भी इसकी खेती की जा सकती है. काजू की रोपाई के लिए जून से दिसंबर का समय सही माना जाता है. वहीं, पौधे तैयार करने के लिए सॉफ्ट वुड ग्राफ्टिंग, एयर लेयरिंग और एपिकॉटिल ग्राफ्टिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है.

किसान कैसे करें काजू की खेती

काजू की खेती के लिए 45×45×45 सेमी के गड्ढे खोदकर उनमें मिट्टी के साथ 10 किलो गोबर की खाद और 1 किलो नीम खली मिलाकर भरें. आमतौर पर काजू के पौधों के बीच 7×7 मीटर की दूरी रखी जाती है, जिससे एक हेक्टेयर में करीब 200 पौधे लगाए जा सकते हैं. अगर हाई डेंसिटी प्लांटिंग की जाए तो 5×4 मीटर की दूरी पर करीब 500 पौधे भी लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा, पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए जुलाई–अगस्त में आपस में टकरा रही शाखाओं की छंटाई करें.  

गमले में भी उगा सकते हैं काजू

वैसे तो काजू की खेती किसी भी मौसम में शुरू कर सकते हैं, लेकिन जून से दिसंबर का समय सबसे अच्छा माना जाता है. ऐसे में जून में इसकी खेती आपके लिए अच्छी साबित हो सकती है. काजू को आप घर की छत या आंगन में भी उगा सकते हैं. इसके लिए बड़े आकार के गमले में रेतीली लाल मिट्टी में हाइब्रिड काजू के पौधे रोपें. काजू के गमले में खाद का उपयोग करने से पौधे की ग्रोथ अच्छी होगी. खास बात यह है कि काजू के पेड़ में कम समय में ही फल आने लगते हैं.

POST A COMMENT