Sugar Price: '44-49 रुपये किलो हुआ चीनी का भाव', ISMA ने गन्‍ना फसल अनुमान पर कही ये बात

Sugar Price: '44-49 रुपये किलो हुआ चीनी का भाव', ISMA ने गन्‍ना फसल अनुमान पर कही ये बात

चीनी की कीमतों में हाल की तेजी के बाद नरमी आई है और भाव 44 से 49 रुपये प्रति किलो के दायरे में पहुंच गए हैं. ISMA ने अभी गन्ना उत्पादन का अनुमान जारी नहीं किया है. जानिए एसोसिएशन ने क्‍या कहा...

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Sugar Price: '44-49 रुपये किलो हुआ चीनी का भाव', ISMA ने गन्‍ना फसल अनुमान पर कही ये बातचीनी के दाम पर इस्‍मा ने दिया बयान (सांकेतिक तस्‍वीर)

देश में चीनी की कीमतों को लेकर फिलहाल राहत की स्थिति है. कुछ समय की तेजी के बाद चीनी के भाव फिर नीचे आ गए हैं. नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश नाइकनवारे ने कहा कि बाजार में चीनी की कीमतें इस समय 44 से 49 रुपये प्रति किलो के दायरे में हैं. ये कीमतें GST को छोड़कर हैं. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा कीमतें चिंता की वजह नहीं हैं. फिलहाल न्यूनतम भाव 44 रुपये प्रति किलो के स्तर पर है, जबकि ऊपरी स्तर करीब 49 रुपये प्रति किलो है. इस दायरे में कीमतें रहने से चीनी मिलों की उत्पादन लागत को कवर करने में मदद मिल रही है और उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ रहा है.

थोड़े समय के लिए आई थी तेजी

चीनी बाजार में हाल में थोड़े समय के लिए कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी. हालांकि, यह तेजी ज्यादा समय तक कायम नहीं रही और भाव फिर ठंडे पड़ गए. उद्योग का कहना है कि फिलहाल बाजार में कीमतों को लेकर स्थिति नियंत्रण में है.

गन्ने की फसल पर बारिश का असर

दूसरी तरफ, चीनी उद्योग के लिए अगली बड़ी चिंता फसल के उत्पादन को लेकर है. इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन यानी ISMA ने अभी अपना गन्ना उत्पादन अनुमान जारी नहीं किया है. संगठन का मानना है कि राज्यों में बारिश का आगे का रुख साफ होने के बाद ही फसल की बेहतर तस्वीर सामने आएगी.

अगले 6 हफ्तों की बारिश पर नजर: ISMA

ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगाओकर के मुताबिक, संगठन अगले करीब छह हफ्ते के बारिश के आंकड़ों का इंतजार कर रहा है. अलग-अलग राज्यों में बारिश की स्थिति अलग है, इसलिए अभी उत्पादन का अंतिम अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी. बारिश का पैटर्न स्पष्ट होने के बाद ISMA की अगली समिति बैठक में फसल अनुमान पर फैसला लिया जा सकता है.

AI से भी तैयार हो रहा फसल अनुमान

ISMA इस बार गन्ने की फसल का आकलन करने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ नई तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है. संगठन के पास अलग-अलग आकलन उपकरण हैं और AI आधारित तकनीक की मदद भी ली जा रही है. ISMA का कहना है कि इस बार पिछले साल के मुकाबले AI तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि उत्पादन अनुमान को अधिक सटीक बनाया जा सके.

अगले साल की बुवाई पर असर की आशंका

शिरगाओकर ने अल नीनो को लेकर भी चिंता जताई है. उन्‍होंने कहा कि इसका असर अगले साल गन्ने की बुवाई और प्लांटेशन पर पड़ सकता है. हालांकि, चालू फसल पर इसका वास्तविक प्रभाव बारिश के आगे के रुख पर निर्भर करेगा. अलग-अलग राज्यों में इसका असर भी एक जैसा नहीं रहने की संभावना है. (एएनआई)

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