5 एकड़ से शुरू किया सफर, आज 40 एकड़ पर खेती: मोगा की महिला किसान मनदीप कौर बनीं मिसाल

5 एकड़ से शुरू किया सफर, आज 40 एकड़ पर खेती: मोगा की महिला किसान मनदीप कौर बनीं मिसाल

पंजाब के मोगा जिले की महिला किसान मनदीप कौर ने ठेके पर 5 एकड़ जमीन लेकर खेती शुरू की थी. आज वह 40 एकड़ जमीन पर धान, आलू, मक्का, मूंग और सब्जियों की खेती कर रही हैं. खेती से कमाई कर उन्होंने ट्रैक्टर, खेती की मशीनें और अपना घर बनाया है. उनकी सफलता दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है.

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5 एकड़ से शुरू किया सफर, आज 40 एकड़ पर खेती: मोगा की महिला किसान मनदीप कौर बनीं मिसालपंजाब की महिला किसान मनदीप कौर

खेती को अक्सर पुरुषों का क्षेत्र माना जाता है, लेकिन पंजाब के मोगा जिले के गांव तलवंडी मलिया की रहने वाली महिला किसान मनदीप कौर खैरा ने इस सोच को बदलते हुए सफलता की नई मिसाल पेश की है. सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच शुरू हुआ उनका खेती का सफर आज कई किसानों, खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया है.

मनदीप कौर ने वर्ष 2009 में महज 5 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती की शुरुआत की थी. आज वह करीब 40 एकड़ जमीन पर खेती कर रही हैं. खास बात यह है कि यह पूरी जमीन उनकी खुद की नहीं, बल्कि ठेके पर ली गई है. इसके बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और खेती के अनुभव के बल पर अच्छा मुनाफा कमाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है.

खेती से बदली परिवार की तस्वीर

मनदीप कौर बताती हैं कि शादी के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी. परिवार की आय बढ़ाने के लिए उन्होंने सबसे पहले पशुपालन और दूध का कारोबार शुरू किया. इसके बाद खेती में हाथ आजमाने का फैसला किया. किसान परिवार से होने के कारण उन्हें बचपन से खेती की जानकारी थी. पिता के साथ खेतों में जाते-जाते उन्होंने खेती के कई गुर सीखे थे.

परिवार के पास केवल आधा एकड़ जमीन थी. ऐसे में उन्होंने ठेके पर जमीन लेकर खेती शुरू करने का फैसला किया. वर्ष 2009 में 5 एकड़ जमीन लेकर धान और आलू की खेती शुरू की गई. धीरे-धीरे मेहनत रंग लाई और खेती का दायरा बढ़ता चला गया.

30 एकड़ में आलू, बाकी में कई फसलें

वर्तमान में मनदीप कौर करीब 30 एकड़ जमीन में आलू की खेती करती हैं. इसके अलावा बाकी जमीन पर धान, मूंग, मक्का और सब्जियों की फसल उगाती हैं. बहुफसली खेती के जरिए वह जोखिम कम करने और बेहतर आमदनी हासिल करने में सफल रही हैं.

उनका कहना है कि प्रति एकड़ करीब 70 हजार रुपये तक का ठेका देने के बावजूद खेती से अच्छा लाभ मिल जाता है. सही फसल चयन, मेहनत और खेती में लगातार निगरानी उनकी सफलता का प्रमुख कारण है.

खेत में मजदूर नहीं, खुद उतरती हैं मनदीप

मनदीप कौर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह केवल खेती का प्रबंधन ही नहीं करतीं, बल्कि खुद खेत में उतरकर काम भी करती हैं. पानी लगाना, खाद डालना, दवाओं का छिड़काव करना और फसलों की निगरानी जैसे कई काम वह व्यक्तिगत रूप से करती हैं.

उनका मानना है कि किसान को अपनी फसल के साथ लगातार जुड़ा रहना चाहिए. यही वजह है कि वह मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेतों में काम करती हैं.

खेती से खरीदे ट्रैक्टर, मशीनें और बनाया घर

खेती से हुई आमदनी ने मनदीप कौर के परिवार की जिंदगी बदल दी. पिछले करीब 15 वर्षों में उन्होंने तीन ट्रैक्टर, खेती से जुड़ी कई आधुनिक मशीनें और एक थार गाड़ी खरीदी है. इतना ही नहीं, खेती से होने वाली कमाई से उन्होंने अपना सुंदर घर भी बनाया है.

उनकी सफलता यह दिखाती है कि यदि खेती को वैज्ञानिक तरीके और मेहनत के साथ किया जाए तो यह लाभकारी व्यवसाय बन सकती है.

परिवार देता है पूरा साथ

मनदीप कौर के परिवार में उनके पति, एक बेटा और एक बेटी हैं. पति अपने व्यवसाय के साथ-साथ खेती में भी उनका सहयोग करते हैं. उनकी बेटी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा नौवीं कक्षा में पढ़ता है.

मनदीप कौर चाहती हैं कि उनका बेटा भी खेती के काम को समझे और भविष्य में इसे आगे बढ़ाए. उनका कहना है कि खेती केवल रोजगार नहीं, बल्कि जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

भविष्य का सपना: अपनी जमीन खरीदना

आज ठेके पर खेती करके सफलता हासिल करने वाली मनदीप कौर का अगला लक्ष्य अपनी खुद की कृषि भूमि खरीदना है. उनका कहना है कि वह मेहनत के दम पर आगे भी खेती करती रहेंगी और खेती से होने वाली कमाई को बढ़ाने का प्रयास करेंगी.

एक छोटे से गांव की महिला का इतने बड़े स्तर पर खेती करना यह साबित करता है कि अगर इंसान के भीतर मेहनत करने का जुनून और आगे बढ़ने का हौसला हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती. मनदीप कौर की कहानी पंजाब ही नहीं, पूरे देश की महिला किसानों के लिए प्रेरणा का संदेश देती है.(तन्मय सामंता का इनपुट)

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