महिला किसानों ने बंजर जमीन को बनाया सोना! इस तकनीक से बढ़ाई आमदनी

महिला किसानों ने बंजर जमीन को बनाया सोना! इस तकनीक से बढ़ाई आमदनी

झारखंड के हजारीबाग की 10 महिला किसानों ने मिलकर मिश्रित खेती अपनाकर एक नई मिसाल कायम की है. खास बात यह है कि महिलाएं उस जमीन पर खेती कर रही हैं, जो पहले पूरी तरह बंजर हुआ करती थी.

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महिला किसानों ने बंजर जमीन को बनाया सोना! इस तकनीक से बढ़ाई आमदनीबंजर जमीन को बनाया सोना

किसान अब परंपरागत खेती के तरीकों को छोड़कर आधुनिक और स्मार्ट कृषि तकनीकों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं. ऐसा ही झारखंड के हजारीबाग जिले में कुछ महिला किसान कर रही हैं. दरअसल, कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत हरहद गांव की 10 महिला किसानों ने मिलकर मिश्रित खेती अपनाकर एक नई मिसाल कायम की है. खास बात यह है कि महिलाएं उस जमीन पर खेती कर रही हैं, जो पहले पूरी तरह बंजर हुआ करती थी.

महिलाओं ने की मिश्रित खेती की शुरुआत

महिला समूह ने करीब 10 एकड़ जमीन को जैविक खाद के जरिए उपजाऊ बनाया. जैविक खाद महिलाओं ने स्वयं तैयार की, जिससे खेती की लागत कम हुई और उत्पादन बेहतर हुआ. इसके बाद उन्होंने मिश्रित खेती की शुरुआत की, जिसमें मौसमी सब्जियों के साथ फलदार पौधों की खेती की जा रही है.

इन फसलों और फलों को उगा रही है महिलाएं

सभी महिलाएं अमरूद, शरीफा, अनानास, आम और पपीता जैसे फलदार पौधों के साथ भिंडी, टमाटर, बैंगन और अन्य मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं. उनका कहना है कि मिश्रित खेती से दोहरा लाभ मिल रहा है. सब्जियों से नियमित आमदनी होती है, जबकि फलों से लंबे समय तक मुनाफा मिलता है. इससे सालभर आय का स्थायी स्रोत बन रहा है.

इस सस्था की रही सफलता में अहम भूमिका

इस पहल में लीड्स संस्था और जेएसएलपीएस (JSLPS) की अहम भूमिका रही है. संस्थाओं द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी और प्रेरणा दी गई, जिससे वे उन्नत और लाभकारी खेती को सफलतापूर्वक अपना सकीं.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही महिलाएं

हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि सरकार किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कई योजनाओं का लाभ दे रही है, ताकि उनकी आय बढ़ सके और मुनाफा दुगना हो. उन्होंने कहा कि जेएसएलपीएस इस दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहा है और महिला समूहों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा रहा है. हरहद गांव की इन महिला किसानों की पहल अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है और यह साबित कर रही है कि सही तकनीक, सरकारी सहयोग और मेहनत से बंजर जमीन भी मुनाफे का जरिया बन सकती है. (विस्मय अलंकार की रिपोर्ट)

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