शाहजहांपुर के बावर गांव के किसान मुशीर हसन खान (Photo-Kisan Tak)Mango Farmer Story: गर्मी के मौसम का मतलब ही होता है आम का मौसम. आम हर किसी का पसंदीदा होता है और इसीलिए आम को फलों का राजा कहा जाता है. शाहजहांपुर के बावर गांव के किसान मुशीर हसन खान दशहरी समेत रंगीन आम की 200 से अधिक वैरायटी की बागवानी कर सालाना लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं. 74 साल के मुशीर 300 बीघे में आम की खेती कर रहे है. उनके आमों की देश-विदेश में खूब डिमांड है. किसान तक से खास बातचीत में मुशीर हसन खान ने बताया कि बीते चार पुश्तों से हम लोग आम की खेती कर रहे है. उन्होंने बताया कि दशहरी आम का सबसे ज्यादा उत्पादन लखनऊ के मलिहाबाद में होता है. लेकिन यहां हर साल करीब 500 क्विंटल दशहरी आम पैदा होता है.
मुशीर ने बताया कि भारत में अकेले हम 200 अलग अलग तरह के आम की पैदावार कर रहे है. आम की कई सारी वैराइटी होती है. जैसे दशहरी, चौसा, लंगड़ा, मल्लिका, तोतापरी, हापुस, सिंधूरा, बंगीनापल्ली, रत्नागिरी, रसपरी, माल्दा आम उगते हैं. लेकिन सबसे ज्यादा फोकस दहशरी आम पर होता है. क्योंकि इसकी पैदावार यहां ज्यादा होती है. शाहजहांपुर के बावर गांव के किसान मुशीर हसन खान बताते हैं कि आम की खेप सबसे अधिक राजस्थान में सप्लाई होती है. वहीं कुछ व्यापारी खेत में आम का सौदा कर लेते है. अगर मुनाफे की बात करें तो हर साल लागत निकालने के बाद ठीक ठाक बचत हो जाती है.
उन्होंने बताया कि हमारे खेत के आम के अंदर गूदा भरपूर होता है. खाने में काफी हल्का होता है, इसीलिए लोग इसे ज्यादा से ज्यादा पसंद करते हैं. इसकी गुठली पतली होती है. जून से लेकर जुलाई तक यह पककर तैयार हो जाता है. यही वजह हैं कि देश के कई राज्यों से हमारे आम की डिमांड हर सीजन में सबसे ज्यादा होती है. वहीं दशहरी अभी तक 25 से 30 रुपये किलो बाजार में बिकता था, लेकिन इस बार यह आम थोड़ा महंगा बिकेगा. मुशीर ने बताया कि 5 से 10 जून के बीच आम की कई वैरायटी बाजार में आ जाएगी.
आम की बागवानी करने वाले मुशीर ने बताया कि डायबिटीज पीड़ित मरीजों के लिए अंबिका आम का सेवन कर सकते हैं. इस आम की खासियत यह है कि इसे आप एक दिन में चाहे जितना खा लें आपका शुगर स्तर एक प्रतिशत भी नहीं बढ़ेगा. यह आम बिल्कुल भी मीठा नहीं होता है, लेकिन खाने में पूरा आम का स्वाद देता है. यह एक रंगीन आम है. इस आम को अपने बगीचे पर लगाया है.
किसान मुशीर हसन खान ने कहा कि आम के फलों पर रोग एवं कीट लगने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. ऐसे में इससे बचाव के लिए हम सुबह और शाम क्विनालफॉस या क्लोरपायरीफॉस 2 ML प्रति लीटर या इममेक्टिन बेंजोएट 0.5 मिलीग्राम की दर से पौधे पर छिड़काव करते है.
मुशीर ने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश में करीब 70 फीसदी लोग आज भी दशहरी आम का ही स्वाद पसंद करते हैं. बाजार में जब भी वो आम खरीदने जाते हैं तो उनकी पहली पसंद दशहरी ही होता है. हालांकि अब नई वैरायटी के आम एक-एक करके दशहरी को पीछे छोड़ते जा रहे हैं. लेकिन दशहरी का अपना स्वाद आज भी बरकरार है.
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