किसानों के लिए बीज-खाद और कृषि यंत्रों की व्यापक तैयारीउत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों को आश्वस्त किया कि रबी सीजन में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दिया जाएगा. इसके लिए प्रमाणित बीजों की उपलब्धता और वितरण की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि बीज वितरण के लिए 10 जुलाई को पोर्टल खोला जा चुका है और सितंबर के पहले सप्ताह में ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन कर समय से बीज उपलब्ध कराया जाएगा. इस वर्ष 7.66 लाख किसानों तक दलहन और तिलहन के मिनी किट वितरण का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत 36,475 कुंतल बीज निशुल्क वितरित किए जाएंगे. कृषि मंत्री ने किसानों से पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए बताया कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी ई-लॉटरी प्रणाली से होगी.
कृषि मंत्री ने बताया कि 28 जुलाई तक प्रदेश में औसत से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई. 11 जिलों में 40 से 60 प्रतिशत तक कम बारिश हुई, जबकि 13 जिलों में स्थिति और अधिक चिंताजनक रही. ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने सितंबर में अल्प अवधि की तोरिया फसल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है. इसके लिए 1,000 कुंतल तोरिया बीज वितरण का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें 600 कुंतल मुफ्त मिनी किट और 400 कुंतल अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके लिए पोर्टल खोल दिया गया है तथा 17 अगस्त के बाद ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन किया जाएगा.
शाही ने किसानों को आश्वस्त किया कि योगी सरकार रबी सीजन में भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी. इसके लिए प्रमाणित बीजों की उपलब्धता और वितरण की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि बीज वितरण के लिए 10 जुलाई को पोर्टल खोला जा चुका है और सितंबर के पहले सप्ताह में ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन कर समय से बीज उपलब्ध कराया जाएगा. इस वर्ष 7.66 लाख किसानों तक दलहन और तिलहन के मिनी किट वितरण का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत 36,475 कुंतल बीज निशुल्क वितरित किए जाएंगे. उन्होंने किसानों से पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए बताया कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी ई-लॉटरी प्रणाली से होगी.
उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों पर अनुदान योजना के तहत भी पोर्टल 20 जुलाई से खोल दिया गया है. इसकी ई-लॉटरी 10 अगस्त को निकाली जाएगी. फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर और एकल कृषि यंत्रों सहित कुल 25,900 कृषि यंत्र किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे. अब तक 41,762 किसानों ने आवेदन किया है. फार्म मशीनरी बैंक पर 80 प्रतिशत तक तथा कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है. कृषि यंत्रों के चयन की प्रक्रिया भी ई-लॉटरी के माध्यम से पूरी की जाएगी.
कृषि मंत्री शाही ने पत्रकारों को बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है. 1 अप्रैल से 28 जुलाई तक 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया, जिसमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है. लगभग इतनी ही मात्रा में अभी भी उर्वरक उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी, एमओपी का पर्याप्त भंडार है. वहीं, किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है.
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2015-16 में प्रदेश में 84.98 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण हुआ था, जबकि योगी सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 2025-26 में 118 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार किसानों को पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में 34 लाख मीट्रिक टन अधिक उर्वरक उपलब्ध करा रही है. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे धैर्य रखें, समय पर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं.
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