खादों को मिलाने में बरतें सावधानीखेती-किसानी में फसलों की अच्छी पैदावार के लिए सही समय पर सही पोषक तत्व देना बहुत जरूरी है. अक्सर हमारे किसान भाई जानकारी के अभाव में कई तरह की खादों जैसे DAP, SSP, यूरिया, पोटाश, जिंक सल्फेट, सल्फर, कैल्शियम और मैग्नीशियम को आपस में मिलाकर खेतों में डाल देते हैं. उनका मकसद तो फसल को ज्यादा से ज्यादा पोषण देना होता है, लेकिन वे इस बात से अनजान होते हैं कि कुछ खादों को आपस में मिलाने से उनके बीच रासायनिक प्रतिक्रिया हो जाती है. इस तालमेल की गड़बड़ी के कारण पोषक तत्व आपस में मिलकर बेअसर हो जाते हैं या फिर एक ऐसा कड़ा रूप ले लेते हैं जिसे पौधे सोख ही नहीं पाते. इसका सीधा असर फसल की ग्रोथ पर पड़ता है और किसानों की मेहनत के साथ-साथ पैसा भी पूरी तरह बर्बाद हो जाता है. इसलिए, खादों के इस विज्ञान को समझना हर किसान के लिए बेहद जरूरी है.
कुछ खादें ऐसी हैं जिन्हें आप बिना किसी डर के आपस में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, DAP के साथ यूरिया और DAP के साथ पोटाश का मिश्रण पूरी तरह सुरक्षित है, जिसे अमूमन बुवाई के समय इस्तेमाल किया जाता है. इसी तरह, SSP (सिंगल सुपर फास्फेट) के साथ पोटाश को मिलाना भी सुरक्षित माना गया है. अगर हम पोटाश की बात करें, तो पोटाश एक बहुत ही अनुकूल खाद है जिसे कैल्शियम, जिंक सल्फेट और सल्फर के साथ आसानी से मिलाया जा सकता है. इन सुरक्षित कॉम्बिनेशन का उपयोग करने से फसलों को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व एक साथ मिल जाते हैं, जिससे पौधों का विकास सही तरीके से होता है और जड़ों को मजबूती मिलती है.
कुछ ऐसे खतरनाक मिश्रण भी होते हैं, जिन्हें मिलाने से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि DAP को कभी भी SSP, जिंक सल्फेट, सल्फर, मैग्नीशियम या कैल्शियम के साथ नहीं मिलाना चाहिए. खासकर जब आप DAP और जिंक सल्फेट को मिलाते हैं, तो दोनों मिलकर 'जिंक फास्फेट' बना लेते हैं, जो पानी में घुलनशील नहीं होता और पौधों के किसी काम नहीं आता.
इसी तरह, SSP को यूरिया, जिंक सल्फेट, सल्फर, मैग्नीशियम और कैल्शियम के साथ मिलाने की सख्त मनाही है. SSP और यूरिया को मिलाने से मिश्रण नमी सोखकर कीचड़ या लेई जैसा चिपचिपा बन जाता है, जिससे उसे खेत में छिड़कना नामुमकिन हो जाता है. इन बातों का ध्यान रखकर आप अपनी लागत को बेकार होने से बचा सकते हैं.
खादों को आपस में मिलाने से पहले हमेशा अपने स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से सलाह जरूर लें. ऐसा इसलिए क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों की मिट्टी की सेहत, फसल की किस्म और बाजार में मिलने वाले उत्पादों के प्रकार के आधार पर ये सिफारिशें बदल सकती हैं. खेत में खाद डालने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि जिन खादों को आपस में मिलाने की मनाही है, उन्हें अलग-अलग समय पर या अलग-अलग छिड़काव के माध्यम से दिया जाए. वैज्ञानिक खेती और सही तालमेल अपनाकर न सिर्फ आप अपनी फसल को भरपूर पोषण दे सकते हैं, बल्कि अपनी खेती की लागत घटा सकते हैं.
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