साढ़े तीन करोड़ की नकली कीटनाशक बरामद फोटोः हजारीबाग पुलिसझारखंड के हजारीबाग जिला स्थित चरही थाना क्षेत्र से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने थाना क्षेत्र के भेलवाटांड़ के एक घर से नकली कीटनाशक बरामद किया है. बरामद किए गए कीटनाशक की कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपए बतायी जा रही है. कीटनाशक के साथ मकान मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है. इस संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है. हालांकि अभी तक के पूछताछ में उसके पास से बहुत अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है. नकली कीटनाशक की बरामदगी को लेकर हजारीबाग के एसपी मनोज रतन चौथे ने कहा कि कीटनाशक कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर छापेमारी की कार्रवाई की गई थी. इस दौरान पुलिस को यह सफलता मिली है.
जिला पुलिस अधिक्षक की तरफ से जारी किए गए प्रेस रिलीज में बताया गया है कि नोएडा में रहने वाले नानू राम और लोहरदगा निवासी राहुल कुमार साहू ने थाना में आकर यह शिकायत की थी कि चरही थाना के भेवलाटांड़ स्थित सुनील शर्मा के मकान में बॉन्ड कोराजेन (एएमसी कंपनी) और एलेक्टो (इंडोफिल इंडस्ट्रीज लिमिटेड) कंपनी के नकली उत्पाद बनाकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा है. इस संबंध में एक सनहा दर्ज किया गया था. मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने भेलवाटांड़ में सुनील शर्मा के आवास में जाकर छापेमारी की. इस दौरान पुलिस को एफएमसी कंपनी का भरे हुए नकली कोराजेन 60 एमएल की 2344 भरी हुई, 60 एमएल कोराजेन की खाली शीशी 255 इसके साथ ही 11200 नकली स्टीकर बरामद किया गया है.
इसके साथ ही पुलिस ने इंडोफिल इंड्स्ट्रीज लिमिटेड का एलेक्टो 25 एमएल की भरी हुई 3025 शीशी, 25 एमएल की एलेक्टो खाली शीशी 3050 और 12000 नकली स्टीकर जब्त किया.इस बार में जानकारी मांगने पर सुनील शर्मा ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और इससे संबंधित कागजात भी पेश नहीं किया. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है. वहीं चरही थाना प्रभारी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कंपनी वाले कोलकाता से ही दवाईयों को ट्रेस करते हुए आ रह थे. वहीं जिला कृषि पदाधिकारी राजीव मिश्रा ने कहा कि वो निजी कारणों से छुट्टी पर हैं. उन्हें मामले की जानकारी नहीं है.
इस पूरे मामले को लेकर झारखंड कृषि निदेशक चंदन कुमार ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि झारखंड जैसे राज्य के लिए यह बेहद परेशान करने वाली बात है. क्योंकि यहां पर अधिकांश किसान पढ़े लिखे न हीं है. दुकानदार जो दवा और कीटनाशक देता है उस पर आंख मूंदकर विश्वास कर लेते हैं. इसलिए विभाग इस मामले में संज्ञान लेगा और पूरे मामले की सही तरीके से जांच होगी. जो भी व्यक्ति गिरफ्तार हुआ है उसके खिलाफ गैर जमानती धाराएं लगाई जाएंगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अब पूरे राज्य में दवा दुकानों में सैंपल की रैंडम जांच की जाएगी, इसके लिए जिन लोगों के पास दवा बनाने का लाइसेंस है उसकी फिर से जांच की जाएगी.
वहीं किसान महासभा के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज राय न कहा कि उनके पास पूरे राज्य के किसानों से नकली दवाई और कीटनाशक बेचे जाने की शिकायत मिलती है. पूरे राज्य में नकली कीटनाशकों की बिक्री की जाती है. औचक निरीक्षण के नाम पर जिलाधिकारी पैसों की उगाही करते हैं. पंकज राय ने कहा कि यहां 30 प्रतिशत से अधिक नकली माल किसानों को बेचा जाता है. वहीं बोकारो जिले के किसान दिनेश महतो ने बताया की दुकानदार ने उन्हें नकली कीटनाशक दी थी जिसके कारण उन्हें मिर्च की खेती में 80,000 रुपये का नुकसान हुआ था.
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