सोयाबीन फसल को घोंघे पहुंचा रहे नुकसान, कृषि विभाग ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी

सोयाबीन फसल को घोंघे पहुंचा रहे नुकसान, कृषि विभाग ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी

सोयाबीन की फसल पर घोंघों का हमला किसानों के लिए नई चिंता बन गया है. रात के समय घोंघे कोमल पौधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे कई किसानों की फसल प्रभावित हो रही है. स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

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सोयाबीन फसल को घोंघे पहुंचा रहे नुकसान, कृषि विभाग ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरीसोयाबीन की फसल पर नया संकट

महाराष्ट्र के लातूर और धाराशिव जिलों के कई गांवों में सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है. दरअसल, यहां खेतों में घोंघों (Snails) का हमला तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सोयाबीन की नई फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है. कृषि विभाग के मुताबिक, ये घोंघे रात के समय खेतों में निकलकर सोयाबीन के छोटे और कोमल पौधों की पत्तियां खा रहे हैं. इससे कई किसानों की फसल खराब होने लगी है और जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है.

कृषि अधीक्षक अधिकारी महेश तीर्थकर ने बताया कि फिलहाल यह समस्या लातूर और धाराशिव के करीब पांच से सात गांवों में सामने आई है. जिन खेतों के आसपास नदियां, जलाशय या पानी जमा होने वाले इलाके हैं, वहां घोंघों का प्रकोप ज्यादा देखा जा रहा है. ऐसे क्षेत्रों में नमी अधिक होने के कारण घोंघों को पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मिल रहा है.

रात में निकलकर खाते हैं फसल

कृषि अधीक्षक महेश तीर्थकर ने बताया कि घोंघे दिन में छिपे रहते हैं और रात होते ही बाहर निकलकर सोयाबीन के छोटे पौधों की पत्तियां और कोमल हिस्से खा जाते हैं. इससे पौधों की बढ़वार रुक जाती है और कई बार पूरी फसल नष्ट होने का खतरा पैदा हो जाता है. उन्होंने किसानों से सतर्क रहने और नियमित रूप से खेतों की निगरानी करने की अपील की है.

किसानों को दी गई यह सलाह

महेश तीर्थकर  ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेत की मेढ़ों और प्रभावित स्थानों पर मेटलडिहाइड (Metaldehyde) की गोलियां रखें. यह एक ऐसा रसायन है, जिसका उपयोग घोंघों और स्लग को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. इसका इस्तेमाल खेती और बागवानी में लंबे समय से किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो घोंघे तेजी से दूसरे खेतों में भी फैल सकते हैं.

किसान बोले- 75 फीसदी फसल बर्बाद

लातूर जिले के रेनापुर तालुका के वाडल गांव के किसान बलिराम अबारबंडे ने बताया कि उनके तीन एकड़ के खेत में लगी करीब 75 प्रतिशत सोयाबीन की फसल घोंघे खा चुके हैं. इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है. उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में घोंघे पहले कभी नहीं देखे गए. वहीं, एक अन्य कृषि अधिकारी ने बताया कि कई गांवों में किसान और उनके परिवार शाम ढलने के बाद खेतों में जाकर घोंघे इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि उन्हें नष्ट किया जा सके. अधिकारियों ने यह भी बताया कि घोंघे मिट्टी में 4 से 5 इंच की गहराई पर अंडे देते हैं. इसलिए अगली फसल की बुवाई से पहले खेतों की गहरी जुताई करना जरूरी है, ताकि इनके अंडे नष्ट हो सकें और भविष्य में इस समस्या को कम किया जा सके.

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