केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम संतरे को टेबल फ्रूट के रूप में बेचना चाहते हैं.देश में संतरा उत्पादन बढ़ाने पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एक एकड़ में कम से कम 40 टन संतरे का उत्पादन होना चाहिए. इसका 80 फीसदी हिस्सा अच्छा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जल्द ही एयरकंडीशन्ड ऑर्गनिक फ्रूट बाजारों का निर्माण किए जाएंगे. उन्होंने संतरा उत्पादकों को सलाह दी कि पेड़ रोगमुक्त होना जरूरी है. इसके लिए मौसम, मिट्टी और कीट प्रबंधन की सटीक जानकारी हासिल करनी होगी.
केंद्रीय सड़क मार्ग एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में राष्ट्रीय कृषि मेला एग्रोविजन में 'संतरा उत्पादन संवर्धन की तकनीक' पर कार्यशाला में किसानों को खेती की सटीक जानकारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने संतरा की खेती करने वाले उत्पादकों से कहा कि क्वालिटी से समझौता न करें. संतरे का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को सफल किसानों से उचित मार्गदर्शन लेना चाहिए और अपना उत्पादन बढ़ाना चाहिए. हम आने वाले समय में संतरे का उत्पादन बढ़ाना चाहते हैं. इसके लिए आवश्यक चीजों का अध्ययन करें और मिट्टी परीक्षण, उर्वरकों के बारे में जानकारी हासिल करें, ताकि संतरे का उत्पादन बढ़ सके.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि फर्टिलाइजर से लेकर ड्रोन जैसी सभी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके हम अपना संतरा उत्पादन बढ़ा सकते हैं. फार्मर प्रोड्यूस कंपनी बनने से किसानों को फायदा होगा. हम संतरे को टेबल फ्रूट के रूप में बेचना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही वातानुकूलित जैविक फल बाजार शुरू करेंगे. केंद्रीय मंत्री ने सर्वाधिक संतरा उत्पादन करने वाले किसान केशव भक्ते, अरविंद मिझोरकर, प्रमोद तिजारे, धीरज कावले, गुलाबराव नेवाण, आशिष सदाफले, गौरव राऊत को सम्मानित किया.
केंद्रीय मंत्री ने संतरा किसानों को बताया कि एक एकड़ में कम से कम 40 टन संतरे का उत्पादन होना चाहिए. इसका 80 फीसदी हिस्सा अच्छा होना चाहिए. पेड़ रोगमुक्त होना चाहिए. आपका संतरा टिकना चाहिए और उत्पाद बेहतरीन होना चाहिए. इसके लिए आपको अपने क्षेत्र में एक अच्छा बगीचा और एक अच्छी नर्सरी बनानी चाहिए. ताकि अच्छे से अच्छे संतरे के पौधे उपलब्ध हो सकें. अच्छी 50 नर्सरी बनाकर संतरा, मोसम्बी, नीबू की कलमें तैयार करना लाभकारी होगा. मिट्टी की जांच अच्छी होनी चाहिए.
डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के डीन डॉ. डीएम पंचभाई ने 'इंडो इज़राइल ऑरेंज प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी' पर बोलते हुए क्यारियों में संतरे लगाकर उत्पादकता बढ़ाने पर फोकस करने की जानकारी किसानों को दी. विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीटी मेश्राम ने कहा कि संतरे के बगीचों में जल प्रबंधन अहम है. वनस्पति रोग विज्ञानी डॉ. इंगले ने 'नींबूवर्ग के फलों की फसलों में फंगल ब्लाइट के प्रबंधन' पर किसानों को जानकारी दी.
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