मूंगफली की खेतीअगस्त का महीना मूंगफली की फसल के लिए बेहद अहम होता है. इस समय अगर किसान खेत पर थोड़ा ध्यान दें, तो फसल की बढ़वार और उत्पादन दोनों बेहतर हो सकते हैं. बारिश के मौसम में खेत में खरपतवार तेजी से फैलने लगते हैं और ये मूंगफली के पौधों के हिस्से का पानी, पोषक तत्व और धूप भी ले जाते हैं. ऐसे में समय पर निराई-गुड़ाई और पौधों के आसपास मिट्टी चढ़ाना बेहद जरूरी हो जाता है. इस बीच बिहार कृषि विभाग ने भी अगस्त महीने में मूंगफली की फसल में इन जरूरी कामों पर विशेष जोर दिया है. आइए जानते हैं.
मूंगफली के खेत में खरपतवार फसल की बढ़वार को प्रभावित कर सकते हैं. खरपतवार खेत की नमी और पोषक तत्वों का इस्तेमाल करते हैं, जिसका सीधा असर मूंगफली के पौधों पर पड़ सकता है, इसलिए किसानों को समय-समय पर खेत की निराई-गुड़ाई करनी चाहिए. निराई-गुड़ाई से खेत में मौजूद घास और दूसरे खरपतवार हट जाते हैं. इससे मूंगफली के पौधों को पर्याप्त पोषक तत्व और नमी मिल पाती है. साथ ही पौधों की बढ़वार भी बेहतर होती है.
मूंगफली की फसल में निराई-गुड़ाई के साथ पौधों के पास मिट्टी चढ़ाने का काम भी महत्वपूर्ण होता है. इसमें पौधों के आसपास की मिट्टी को हल्के तरीके से चढ़ाया जाता है, जिससे पौधों को सहारा मिलता है और उनकी जड़ों का विकास बेहतर हो सकता है. मूंगफली में फलियां जमीन के अंदर विकसित होती हैं. ऐसे में खेत की मिट्टी की स्थिति और पौधों के आसपास पर्याप्त मिट्टी होना फसल के विकास के लिए उपयोगी रहता है. हालांकि, मिट्टी चढ़ाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि पौधों को नुकसान न पहुंचे और जड़ों को अनावश्यक रूप से न छेड़ा जाए.
मूंगफली की फसल में मिट्टी चढ़ाने का एक फायदा यह भी है कि खेत में नमी को बनाए रखने में मदद मिल सकती है. बारिश के बाद खेत की मिट्टी को सही स्थिति में रखने और पौधों के आसपास मिट्टी जमा करने से फसल की बढ़वार के लिए बेहतर परिस्थितियां बनती हैं. खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां बारिश के बीच सूखे का अंतर आ जाता है, वहां मिट्टी में नमी बनाए रखना फसल के लिए महत्वपूर्ण होता है.
किसानों को मूंगफली के खेत में निराई-गुड़ाई करते समय मौसम और खेत की नमी का ध्यान रखना चाहिए. बहुत ज्यादा गीली मिट्टी में निराई-गुड़ाई करने से मिट्टी की संरचना प्रभावित हो सकती है. वहीं, पौधों के बहुत पास गहरी गुड़ाई करने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए खेत की स्थिति देखकर सावधानी से निराई-गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाने का काम करें. अगस्त में मूंगफली की फसल पर थोड़ी अतिरिक्त देखभाल किसानों को आगे चलकर बेहतर फसल लेने में मदद कर सकती है.
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