अगस्त में लगाएं फलदार बागबरसात का मौसम किसानों के लिए सिर्फ अच्छी बारिश ही नहीं, बल्कि नए फलदार बाग लगाने का सबसे बेहतरीन मौका भी लेकर आता है. अगर आप इस शारदीय खरीफ सीजन में आम, अमरूद, लीची, नींबू या अन्य फलों का बाग लगाने की तैयारी कर रहे हैं, तो अगस्त का समय सबसे बेस्ट माना जाता है. इसी को देखते हुए बिहार कृषि विभाग ने किसानों के लिए पौधों की खरीद, रोपाई और देखभाल से जुड़ी 10 जरूरी सलाह जारी की है. इन 10 आसान बातों का ध्यान रखकर किसान अपने बाग की अच्छी शुरुआत कर सकते हैं, जिससे पौधे तेजी से विकसित होंगे और आने वाले वर्षों में बेहतर पैदावार के साथ अच्छी आमदनी भी मिलेगी.
1. प्रमाणित पौधशाला से ही पौधे खरीदें: नया बाग लगाने के लिए हमेशा सरकारी या प्रमाणित (सर्टिफाइड) नर्सरी से ही पौधे खरीदें. ऐसे पौधे अच्छी क्वालिटी के होते हैं और उनमें बीमारी लगने की संभावना कम रहती है. वहीं, सही पौधे लगाने से भविष्य में अच्छी पैदावार मिलती है.
2. स्वस्थ और मजबूत पौधों का चुनाव करें: पौधे खरीदते समय ये भी देखें कि वे हरे-भरे, मजबूत और रोग-मुक्त हों. सूखे, पीले या कीड़ों से प्रभावित पौधे नहीं खरीदें, क्योंकि स्वस्थ पौधे जल्दी बढ़ते हैं और अच्छी उपज देते हैं.
3. नर्सरी में जाकर खुद पौधों की करें जांच: जिस नर्सरी से पौधे खरीद रहे हैं, वहां जाकर उन्हें अपनी आंखों से देखकर ही खरीदें. पौधे की ऊंचाई, जड़, तना और पत्तियों की अच्छी तरह जांच करें. इससे खराब पौधे खरीदने से बचा जा सकता है.
4. समय से पहले पौधों की बुकिंग कर दें: अगर आप बड़े पैमाने पर बाग लगाना चाहते हैं, तो पौधों का पहले से ऑर्डर या बुकिंग करा दें. इससे रोपाई के समय आपकी पसंद के पौधे आसानी से मिल जाएंगे और देरी नहीं होगी.
5. जड़ों और मिट्टी की पिंडी का रखें ध्यान: पौधे की जड़ें अच्छी तरह विकसित होनी चाहिए. साथ ही जड़ों के साथ लगी मिट्टी की पिंडी (रूट बॉल) मजबूत होनी चाहिए. यदि रूट बॉल टूटी हुई होगी, तो पौधे के जीवित रहने की संभावना कम हो सकती है.
6. परिवहन के दौरान पौधों को नुकसान न पहुंचे: पौधों को खेत तक ले जाते समय यह ध्यान रखें कि उनकी मिट्टी की पिंडी न टूटे और जड़ों को नुकसान न पहुंचे. पौधों को सावधानी से रखें और तेज धूप या गर्म हवा से बचाएं.
7. अगस्त में करें फलदार पौधों की रोपाई: फलदार पौधों की रोपाई के लिए अगस्त का महीना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय अच्छी बारिश होने से पौधे जल्दी जम जाते हैं. ऐसे में अगर सिंचाई की सुविधा हो, तो इन्हें बसंत ऋतु में भी लगाया जा सकता है.
8. जलभराव वाली जमीन में कुछ फलों की खेती न करें: जहां पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था नहीं है, वहां नींबू वर्गीय फल, पपीता और केला जैसे पौधे नहीं लगाने चाहिए. इन फलों की जड़ें पानी में ज्यादा देर रहने पर सड़ सकती हैं और पौधे खराब हो सकते हैं.
9. गड्ढा सही तरीके से भरें: पौधों की बुवाई से पहले गड्ढे को अच्छी मिट्टी और खाद से भरें. गड्ढा भरने के बाद उसकी सतह जमीन से लगभग 10 सेंटीमीटर ऊंची रखें. इससे बारिश का पानी पौधे के पास जमा नहीं होगा और जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचेगा.
10. पौधे को सही गहराई पर लगाएं: पौधे को गड्ढे में उतनी ही गहराई तक लगाएं, जितनी गहराई पर वह नर्सरी में लगा था. बहुत गहरा या बहुत ऊपर लगाने से पौधे की बढ़वार प्रभावित हो सकती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और जरूरत पड़ने पर पौधे को सहारा भी दें.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today