Agri Droneकिसानों को फसल की बुआई से लेकर कटाई तक काफी समय लग जाता है. जिसके कारण किसानों को कोई अन्य कार्य करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है. जिसके कारण किसान एक समय में एक ही फसल उगा पाते हैं. ऐसे में किसान नई तकनीकों का इस्तेमाल कर घंटों का काम मिनटों में कर सकते हैं. कृषि तकनीकों की बात करें तो आज के समय में ड्रोन का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. फसलों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाता है. इतना ही नहीं किसानों को इसके लिए सरकार से सब्सिडी भी मिलती है.
बिहार सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के तहत रबी की खेती में ड्रोन के जरिए कीटनाशकों के छिड़काव पर जोर दिया जा रहा है. कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. इसमें सरकार किसानों को प्रति एकड़ 250 रुपये का अनुदान देगी. एक किसान अधिकतम 10 एकड़ तक ड्रोन के माध्यम से कीटनाशकों का छिड़काव करने पर सरकार से सब्सिडी का लाभ उठा सकता है. किसान आलू, मक्का और गेहूं के साथ तिलहन, दलहन पर कीटनाशकों का छिड़काव करा सकते हैं.
आंकड़ों के मुताबिक हर साल 35 फीसदी फसल कीट, खरपतवार और बैक्टीरिया के कारण बर्बाद हो जाती है. जिस वजह से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में किसान पारंपरिक तरीके से कीटनाशकों का छिड़काव करते हैं. जिस वजह से किसानों के ऊपर कीटनाशक का बुरा प्रभाव पड़ता है. जबकि ड्रोन से छिड़काव करने से पानी, श्रम और पूंजी की बर्बादी नहीं होगी. ड्रोन से कीटनाशकों का छिड़काव करने से किसानों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. मात्र आठ से दस लीटर पानी में एक एकड़ में कीटनाशक छिड़काव का काम पूरा हो जायेगा.
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गौरतलब है कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चौथे कृषि रोड मैप के तहत 2023-24 के लिए जिले में कृषि कार्य के लिए मानव रहित ड्रोन का उपयोग करने की मंजूरी पौधा संरक्षण विभाग को मिली है. गया जिले में रबी फसल में पहली बार जिले के किसान सरकार द्वारा अनुदानित दर पर ड्रोन के माध्यम से खेतों में लगी फसलों में जैविक और रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव कर सकेंगे. एक किसान को अधिकतम 10 हेक्टेयर के लिए यह सुविधा दी जाएगी. इसको लेकर पौधा संरक्षण विभाग किसानों से ऑनलाइन आवेदन लेगा.
आवेदन मिलने के बाद विभाग स्थल निरीक्षण करेगा और ड्रोन उपलब्ध कराकर विशेषज्ञों के माध्यम से छिड़काव कराया जायेगा. कोई भी किसान अपने खेत में लगी आम, लीची और बागवानी फसलों में बीमारियों से बचाव के लिए ड्रोन छिड़काव का लाभ उठा सकता है. इससे किसानों को कम खर्च के साथ-साथ खाद की बचत और फसल में उर्वरकों और कीटनाशकों का एक समान छिड़काव करने से बेहतर उत्पादन मिलेगा. छिड़काव शुल्क का 50 प्रतिशत अधिकतम 250 रुपये प्रति एकड़ अनुदान देय होगा. जिसमें अधिकतम 10 एकड़ के लिए प्रति किसान 2500 रुपये का अनुदान दिया जाएगा. किसानों को छिड़काव के लिए उर्वरक और कीटनाशक स्वयं उपलब्ध कराने होंगे.
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