देश में आलू की क्या स्थिति है, आप सबको पता है. इस बार पैदावार बंपर रही, लेकिन बाजार में भाव गायब रहा. किसान अच्छी कीमत पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाता रहा. केवल यही समस्या नहीं है. आलू में लगने वाले रोग भी किसानों के लिए भारी मुसीबत बनते हैं. ऐसे में उन्हें पता नहीं चलता कि इस मर्ज का वे इलाज कैसे ढूंढें. इस दिशा में पेप्सिको इंडिया कंपनी ने एक बड़ा कदम उठाया है. इस कंपनी का नाम इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि भारत से बड़ी मात्रा में आलू की खरीद करती है. फिर उसी आलू से चिप्स बनाए जाते हैं. लिहाजा, देश के आलू किसानों की मदद के लिए इस कंपनी ने एक खास तरह का ऐप तैयार किया है जिससे किसानों को मदद मिल सकेगी.
एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से 'बिजनेसलाइन' ने लिखा है, कंपनी के बनाए खास मॉडल जिसे हम मोबाइल ऐप भी कह सकते हैं, उससे किसानों को अधिक से अधिक आलू की पैदावार लेने में मदद मिलेगी. मोबाइल ऐप के सहारे किसान जान सकेंगे कि खेत में आलू की क्वालिटी कैसी है और उसे दुरुस्त करने के लिए क्या किया जाना है.
पेप्सिको ने यह खास मोबाइल ऐप क्रॉपिन की मदद से लॉन्च किया है. क्रॉपिन एग्रीटेक कंपनी है जो किसानों और खेती-बाड़ी के क्षेत्र में काम करती है. आलू के बनाए गए खास ऐप मॉडल को गुजरात और मध्य प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आजमाया गया है.
कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि आलू की फसल को सबसे अधिक नुकसान झुलसा यानी कि ब्लाइट डिजीज से होता है. अगर इस रोग को सुधार दिया जाए तो आलू का उत्पादन 80 फीसद तक बढ़ाया जा सकता है. अगर इस बीमारी के बारे में किसानों को पहले से न बताया जाए, रोग लगने का पूर्वानुमान सही समय पर नहीं बताया जाए तो पैदावार में भारी कमी आती है.
इतना ही नहीं, आलू की फसल को सर्दी के दिनों में पाले से भी बहुत नुकसान होता है. इन सभी रोगों से किसानों को राहत देने के लिए पेप्सिको का मोबाइल डेटा बड़ी पहल कर रहा है. ऐप के जरिये किसानों को समय से पहले उस पूरे इलाके के मौसम का हाल बताया जाएगा. उन्हें सैटेलाइन इमेज के जरिये पहले आगाह कर दिया जाएगा मौसम कैसा रहने वाला है. यह नया सिस्टम किसानों को 10 दिन पहले पूर्वानुमान बता देगा जिससे उन्हें सावधान होने में मदद मिलेगी.
ऐप और उसके पूर्वानुमान के माध्यम से किसान आलू के अलग-अलग स्टेज, फसल की सेहत, रोग चेतावनी जैसी जानकारी एडवांस में पा सकेंगे. ये पूरी जानकारी मौसम की रिपोर्ट पर आधारित होगी. किसान इन सभी जानकारियों को समय पर पाकर अगली तैयारी कर सकते हैं. वे फसल को बचाने के लिए एहतियात के कदम उठा सकते हैं. इससे फसल का उत्पादन बढा़ने में मदद मिलेगी. पेप्सिको यह कदम इसलिए उठा रही है क्योंकि देश के 27 प्रदेशों में उससे 27000 से अधिक आलू किसान जुड़े हैं. इन किसानों से लेज चिप्स के आलू की डायरेक्ट खरीद की जाती है.
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