अब मोबाइल बनेगा तिलहन किसानों का सलाहकार, WhatsApp पर AI चैटबॉट देगा सभी सवालों का जवाब

अब मोबाइल बनेगा तिलहन किसानों का सलाहकार, WhatsApp पर AI चैटबॉट देगा सभी सवालों का जवाब

हैदराबाद स्थित ICAR-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIOR) ने एक नई डिजिटल पहल शुरू की है. दरअसल, अब तिलहन किसानों को खेती से जुड़ी सलाह के लिए कहीं जाने या विशेषज्ञों का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी. वे अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp के जरिए ही फसल से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे.

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अब मोबाइल बनेगा तिलहन किसानों का सलाहकार, WhatsApp पर AI चैटबॉट देगा सभी सवालों का जवाबऑयलसीड्स किसान मित्र (AI- तस्वीर)

खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान खेतों में नई फसल की तैयारियों में जुट गए हैं. धान के साथ-साथ तिलहन फसलों की अच्छी पैदावार के लिए किसान सही किस्म, खाद, सिंचाई और कीट नियंत्रण जैसी जानकारियां जुटाने में लगे रहते हैं. अब किसानों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए हैदराबाद स्थित ICAR-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIOR) ने एक नई डिजिटल पहल शुरू की है. दरअसल, अब तिलहन किसानों को खेती से जुड़ी सलाह के लिए कहीं जाने या विशेषज्ञों का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी. वे अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp के जरिए ही फसल से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे. इसके लिए ICAR-IIOR ने 'ऑयलसीड्स किसान मित्र' नाम से AI आधारित सलाहकार सेवा तैयार की है, जो किसानों के सवालों का जवाब तुरंत देगी.

यह AI सेवा मूंगफली, सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन और अन्य तिलहन फसलों की खेती से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराएगी. खास बात यह है कि किसानों को इसके लिए कोई अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे जिस WhatsApp का इस्तेमाल रोजाना करते हैं, उसी के जरिए अपनी भाषा में खेती से जुड़े सवाल पूछकर विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं.

किसानों को 24 घंटे मिलेगी खेती की सलाह

'ऑयलसीड्स किसान मित्र' एक AI चैटबॉट है, जो किसानों के सवालों का तुरंत जवाब देगा. किसान अपनी भाषा में खेती से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं और उन्हें शोध आधारित जानकारी मिलेगी. यह सेवा 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन मुफ्त उपलब्ध रहेगी. किसान इस सुविधा के जरिए फसल की किस्म का चुनाव, बुवाई का सही समय, खेती की तकनीक, रोग और कीट नियंत्रण, सिंचाई प्रबंधन, कटाई के बाद की देखभाल और बीज से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं. इससे किसानों को समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी और उत्पादन बढ़ाने में भी फायदा मिलेगा.

कैसे लें 'ऑयलसीड्स किसान मित्र' की मदद?

  • इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने मोबाइल में +91 4024598180 नंबर को 'Oilseeds Kisaan Mitra' नाम से सेव करना होगा.
  • इसके बाद WhatsApp खोलकर अपनी पसंदीदा भारतीय भाषा में खेती से जुड़ा सवाल भेजना होगा. AI आधारित सिस्टम किसान के सवाल को समझकर फसल के अनुसार जरूरी सलाह उपलब्ध कराएगा.

किसानों तक अपनी भाषा में पहुंचेगी वैज्ञानिक जानकारी

ICAR-IIOR के निदेशक डॉ. आर.के. माथुर ने बताया कि 'ऑयलसीड्स किसान मित्र' ICAR का एक बड़ा प्रयास है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक जानकारी को सीधे किसानों तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि कई बार किसानों तक विशेषज्ञों की सलाह समय पर नहीं पहुंच पाती, लेकिन WhatsApp जैसे आसान माध्यम से अब किसान घर बैठे सारी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इस AI सेवा को तैयार करने में कई प्रमुख संस्थानों के वैज्ञानिकों का सहयोग लिया गया है. इसमें ICAR-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर, ICAR-भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान, जूनागढ़, ICAR-भारतीय रेपसीड और सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर और तिल-नाइजर से जुड़े शोध केंद्र शामिल हैं.

तिलहन उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद

भारत लंबे समय से खाद्य तेलों की जरूरत को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर रहा है. ऐसे में घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाना सरकार और कृषि वैज्ञानिकों की बड़ी प्राथमिकता है. 'ऑयलसीड्स किसान मित्र' जैसी डिजिटल सेवाएं किसानों को बेहतर तकनीक अपनाने में मदद कर सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर वैज्ञानिक सलाह मिलने से किसान फसल में होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं और बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं. इससे देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी मदद मिलेगी.

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