कृषि में AI इस्तेमाल पर जोर (सांकेतिक तस्वीर)कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत काम करने वाले इंडियन एग्रीकल्चरल स्टैटिस्टिक्स रिसर्च इंस्टीट्यूट (IASRI), नई दिल्ली ने फसलों में कीट और रोगों की पहचान के लिए “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डीप लर्निंग फॉर पेस्ट एंड डिजीज डिटेक्शन इन क्रॉप्स” विषय पर 5 दिन का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है.
यह ट्रेनिंग प्रोग्राम 17 से 21 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम का मकसद कृषि वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों, छात्रों और रिसर्च करने वालों को फसल स्वास्थ्य निगरानी में एआई और डीप लर्निंग तकनीकों के उपयोग के बारे में प्रैक्टिकल और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना है.
संस्थान के अनुसार, ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने वालों को कृषि क्षेत्र में उपयोग होने वाले आधुनिक डिजिटल औजारों, इमेज प्रोसेसिंग तकनीकों और डेटा आधारित फसल रोग और कीट पहचान सिस्टम से परिचित कराया जाएगा. इससे कृषि रिसर्च और फसल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी.
ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 12 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है. इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. ट्रेनिंग पूरी तरह वर्चुअल मोड में संचालित होगी, जिससे देशभर के प्रतिभागी इसमें शामिल हो सकेंगे.
इस प्रशिक्षण में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा प्रणाली (NARES) से जुड़े वैज्ञानिक, तकनीकी कर्मचारी, विद्यार्थी और संविदा कर्मचारी भाग ले सकते हैं. कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कृषि इमेज डेटा प्रबंधन, डेटा संग्रह, एनोटेशन और प्री-प्रोसेसिंग की जानकारी दी जाएगी. इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और डीप लर्निंग (DL) की पूरी जानकारी को फसलों में कीट और रोग पहचान से जोड़कर समझाया जाएगा.
प्रशिक्षण में मॉडल ट्रेनिंग, मूल्यांकन और डीप लर्निंग आधारित फसल स्वास्थ्य निगरानी की प्रैक्टिकल तकनीकों पर भी विशेष जोर रहेगा, जिससे प्रतिभागी वास्तविक परियोजनाओं में इन तकनीकों का उपयोग कर सकें.
पांच दिन के कार्यक्रम में निम्नलिखित विषय शामिल किए गए हैं:
ट्रेनिंग प्रोग्राम का संचालन डॉ. अंशु भारद्वाज के निर्देशन में किया जाएगा. वहीं डॉ. चंदन कुमार देब और डॉ. एमडी अशरफुल हक कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर होंगे.
आईसीएआर-आईएएसआरआई का यह ट्रेनिंग प्रोग्राम कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित कीट और रोग पहचान तकनीकें किसानों को समय रहते सही सलाह देने और फसल नुकसान कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं.
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