खेती में बढ़ा बायोटेक्नोलॉजी का रोलअन्य टेक्नोलॉजी की तरह बायोटेक्नोलॉजी भी है जिसमें जीव विज्ञान को तकनीक के साथ जोड़ा जाता है. इसी बायोटेक्नोलॉजी को खेती-बाड़ी से जोड़ दें तो उसे एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी कहते हैं. हाल के वर्षों में इस तकनीक का प्रयोग और इस्तेमाल बेतहाशा बढ़ा है. यूं कहें कि कृषि का बहुत बड़ा हिस्सा आज बायोटेक्नोलॉजी पर निर्भर है. इस नई तकनीक के बिना अच्छी कृषि और अच्छे उत्पादन के बारे में सोचना बेमानी है. तो आइए 5 पॉइंट्स में जानते हैं कि बायोटेक्नोलॉजी ने कृषि में कैसे अपनी दखल बढ़ाई है.
बायोटेक्नोलॉजी की मदद से ऐसी फसलें तैयार की गई हैं जिससे खेती की लागत कम हुई है और किसानों को उत्पादन सस्ते में मिल रहा है. इसमें फसलों की प्रतिरोधी किस्में तैयार की गई हैं जो कई बीमारी से आजाद हैं. बायोटेक इंजीनियरिंग का ही नतीजा है कि अब ऐसी फसलें आ रही हैं जिन पर बीमारी से लेकर कीटों का प्रभाव नहीं होता या बहुत कम होता है.
ये भी पढ़ें: Agri Quiz: किस फसल की वैरायटी है वरदान, इसकी अन्य उन्नत किस्मों के बारे में भी जानें
बायोटेक इंजीनियरिंग से फसलों को कीटों से लड़ने में सुविधा मिली है. अब फसलों के कीट बहुत कम मात्रा में बचे हैं जो पहले बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया करते थे. जो कुछ भी बचे हैं, उनके उन्मूलन के लिए बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई बड़ी रिसर्च चल रही है. कीटों से लड़ने वाली फसलें तैयार होने से सिंथेटिक पेस्टिसाइड का खर्च बच रहा है.
एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी का ही नतीजा है कि अब फल और सब्जियों की उम्र पहले से बढ़ रही है. यानी उनकी शेल्फ लाइफ पहले से अधिक हो रही है. अब ऐसी किस्में तैयार की जा रही हैं जिनकी शेल्फ लाइफ अधिक होती है. इससे किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी फायदा होता है. किसान ऐसी किस्मों की उपज को अधिक दिनों तक रख सकते हैं. साथ ही व्यापारी भी बिक्री से पहले कुछ दिनों तक इन उपजों को स्टोर कर सकते हैं.
कृषि उत्पादों में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने की जब बात आती है तो इसमें बायोटेक का रोल सबसे बड़ा है. अगर किसी फसल में किसी पोषक तत्व की मात्रा कम हो तो रिसर्च करके उसमें मात्रा को बढ़ाने के लिए बायोटेक का प्रयोग किया जाता है. इसी तरह आपने जीएम फूड्स या जीएम वैरायटी के बारे में सुना होगा जिसमें बायोटेक का ही पूरा रोल है. हालांकि इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां और शिकायतें हैं, लेकिन उत्पादन बढ़ाने में जीएम फसलों का रोल अहम है.
ये भी पढ़ें: NMNF: नेचुरल फार्मिंग मिशन का लाभ कैसे उठाएं किसान, आसान भाषा में समझें
बायोटेक की मदद से कृषि क्षेत्र में ऐसे पौधे या उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिनका उपयोग दवा और औषधि बनाने में होता है. पौधों से निकाले गए तत्वों का दुनिया में बहुत बड़ा बाजार है जिसका प्रयोग हर्बल दवा या कॉस्मेटिक्स बनाने में होता है. इस क्षेत्र में बायोटेक की मदद से बड़ी सफलता मिल रही है. एग्रीकल्चर बायोटेक की मदद से ऐसे पौधे तैयार किए जा रहे हैं जिनका मेडिसिनल वैल्यू बहुत अधिक होता है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today