एग्री वोल्टिक सिस्टम से किसानों को दोहरा लाभइन दिनों एग्री वोल्टिक सिस्टम (Agri-voltaic system) बहुत तेजी से मशहूर हो रहा है. यह ऐसी तकनीक है जो किसानों को एक साथ दोहरा लाभ देती है. पहला लाभ खेती से उगाई गई फसल से मिलता है, जबकि दूसरा लाभ उसी खेत में सोलर पावर लगाकर और उससे बिजली बेचकर लिया जाता है. खास बात यह है कि सोलर पावर से खेत या फसल को कोई नुकसान नहीं होता. सोलर पावर प्लेट के नीचे फसलें आसानी से उगती हैं और उसे जंगली जानवर आदि से सुरक्षा भी मिलती है. इस नई तकनीक से किसान एक साल में 8 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक कमा सकते हैं.
जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह सिस्टम सोलर पावर जनरेशन का है. इस सिस्टम के जरिये किसान बिजली बनाकर ऊर्जादाता भी बन सकता है. जिस तरह वह अपने खेत और फसल का मालिक होता है, उसी तरह सोलर पावर और उससे पैदा हुई बिजली का भी मालिक होगा.
खेत में सोलर पावर के इस नायाब सिस्टम को बनाने में किसानों को कुछ खास काम करने होंगे. इसके लिए 105 किलोवॉट का सोलर पावर सेट लगाना होगा. इसके लिए किसान सब्सिडी पर सोलर प्लेट खरीद सकते हैं और अपने खेत में लगा सकते हैं. इस प्लेट से किसान हर दिन 420 किलोवॉट ऑवर बिजली पैदा कर सकते हैं. किसान इस बिजली को बेचकर हर साल 8 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कमा सकते हैं. इस सिस्टम से पानी की बचत होने के साथ ही क्लाइमेट में भी सुधार होगा.
एग्री वोल्टिक सिस्टम से रेनवाटर हार्वेस्टिंग का फायदा उठाया जा सकता है. बरसात के दिनों में प्रति एकड़ 1.5 लाख लीटर पानी सोलर पैनल को धोने में इस्तेमाल होगा जो कि बारिश का पानी होगा. बारिश के इस पानी से सोलर पानी की धुलाई के साथ ही सिंचाई की भी सुविधा मिलेगी. इस तरह किसान बारिश के पानी से सिंचाई के साथ धुलाई का भी फायदा ले सकते हैं.
सोलर पैनल के नीचे कई फसलें लगाई जा सकती हैं. इन फसलों पर सोलर पैनल की छांव का कोई असर नहीं होगा. छांव में भी ये फसलें उगेंगी और बेहतर पैदावार देंगी. इन फसलों में मूंग, क्लस्टर बीन, मोथ बीन, ईसबगोल, जीरा, चना, अलोय और बैंगन शामिल हैं. एग्री वोल्टिक सिस्टम के साथ इन फसलों की खेती किसानों की कमाई बढ़ाएगी.
सोलर पैनल लगाने से खेत में सूर्य की रोशनी का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा. इससे फसलों के लिए क्लाइमेट में सुधार होगा. इस सिस्टम को लगाने से खेत में मिट्टी का कटाव कम होगा. खेत में कम से कम धूल बनेगी और उसके उड़ने और फसलों की पत्तियों पर जमने की संभावना कम होगी. इससे मिट्टी की उर्वर क्षमता बढ़ेगी. साथ ही मिट्टी में नमी की मात्रा भी बनी रहेगी.
कुल मिलाकर एग्री वोल्टिक सिस्टम किसानों के लिए वरदान साबित होगी. किसान इस नई तकनीक से फसल उगाने के साथ ही बिजली बनाकर बेच सकेंगे और अपनी कमाई बढ़ा सकेंगे. एग्री वोल्टिक सिस्टम किसानों के लिए दोहरे लाभ का एक बेहतर जरिया है.
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