Krishi Bharat 2024 में 250 कंपनियों के प्रतिनिधि पहुंचे.कृषि क्षेत्र के विकास में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देना होगा, क्योंकि उससे ही कृषि उत्पादन 4 गुना बढ़ाया जा सकता है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में खेती योग्य भूमि का अनुपात भले ही कम हो, लेकिन उत्पादन क्षमता अत्यधिक है. कृषि लागत को कम करने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को घटाकर प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं. उन्होंने किसानों को जागरूक करने, उन्नत बीजों की उपलब्धता और कृषि को उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में सुधार पर भी बल दिया.
कृषि भारत-2024 की 4 दिवसीय प्रदर्शनी लखनऊ के वृंदावन योजना मैदान में चल रही है. यहां पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में भारत की 17 प्रतिशत आबादी निवास करती है और राज्य का कृषि उत्पादन देश के कुल कृषि उत्पादन का 20 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि राज्य में खेती योग्य भूमि का अनुपात भले ही कम हो, लेकिन उत्पादन क्षमता अत्यधिक है. डिजिटल कृषि और प्रौद्योगिकी के माध्यम से हम उत्पादन को तीन से चार गुना बढ़ा सकते हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कृषि लागत को कम करने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को घटाकर प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं.
Krishi Bharat 2024 में कृषि के विकास और नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया गया है. इस प्रदर्शनी में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उपकरण, कृषि सेवाएं और प्रौद्योगिकी से जुड़ी अन्य सेवाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में 250 से अधिक कंपनियां और 1 लाख से अधिक किसान भाग ले रहे हैं. कार्यक्रम पैनल में BMS ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के प्रबंध निदेशक भानु प्रताप सिंह, डॉ. बीपी राम (संयुक्त निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण, उत्तर प्रदेश सरकार), शुभम राय (सलाहकार, एपीडा) और सचिन शर्मा (उपाध्यक्ष, ITC लिमिटेड) जैसे प्रमुख विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों को सूदखोरी के जाल से मुक्त कर उन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन इस दिशा में और सुधार की आवश्यकता है. उन्होंने किसानों को बेहतर तकनीक से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि को उद्यमिता से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमें आधुनिक तकनीक का उपयोग करना होगा. यदि हम विभिन्न राज्यों के अनुभवों और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोणों को साझा करें, तो हम एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं..
Krishi Bharat 2024 जैसे आयोजनों से कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यह महाकुंभ न केवल कृषि उत्पादकता को बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि किसानों की आय को भी दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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