
मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के क्षेत्र में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है. सौर, पवन और पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा परियोजनाओं के दम पर राज्य न केवल अपनी ऊर्जा क्षमता बढ़ा रहा है, बल्कि भारतीय रेलवे सहित देश के आठ राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में आयोजित सातवें अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (International Renewable Energy Conference & Exhibition) के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का हरित ऊर्जा मॉडल अब वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बन रहा है और आने वाले समय में इसकी चर्चा पूरी दुनिया में होगी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन को लगातार बढ़ाने के साथ-साथ ऐसी तकनीकों पर भी काम कर रही है, जिनसे चौबीसों घंटे स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सके.इसके लिए ऊर्जा भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) और पंप्ड हाइड्रो जैसी आधुनिक परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश आज भारतीय रेलवे सहित आठ राज्यों को हरित ऊर्जा की आपूर्ति कर रहा है. यह उपलब्धि प्रदेश की मजबूत ऊर्जा नीति, बेहतर आधारभूत संरचना और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में किए गए निवेश का परिणाम है. उन्होंने कहा कि यह केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण तथा बायोमास ऊर्जा से संबंधित नई नीतियां लागू की हैं. इन नीतियों के माध्यम से निजी निवेश, अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिला है. इससे मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो रहा है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगर-शाजापुर-नीमच सौर ऊर्जा परियोजना में 2.14 रुपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम सौर टैरिफ प्राप्त हुआ है. यह उपलब्धि दर्शाती है कि मध्यप्रदेश कम लागत पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है. इससे उद्योगों और उपभोक्ताओं दोनों को भविष्य में सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा.
नई दिल्ली में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ आयोजित सातवें अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के हरित ऊर्जा मॉडल, निवेश-अनुकूल नीतियों और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों को प्रस्तुत किया. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा.
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