बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए राहत, यूपी में फसल नुकसान पर किसानों को मिले 200 करोड़ रुपये

बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए राहत, यूपी में फसल नुकसान पर किसानों को मिले 200 करोड़ रुपये

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है. प्रदेश में अब तक 17,428 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें कृषि भूमि और बोया गया क्षेत्र भी शामिल है. बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया है.

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बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए राहत, यूपी में फसल नुकसान पर किसानों को मिले 200 करोड़ रुपयेUP में किसानों के लिए राहत

उत्तर प्रदेश में बाढ़ और भारी बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. प्रदेश में अब तक 17,428 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि भी शामिल है. फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए योगी सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं. राहत आयुक्त कार्यालय की 21 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और 14 जिलों में 21 अगस्त को भी बाढ़ का असर बना हुआ था. प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए नाव, मोटर बोट, बचाव दल, मेडिकल टीम और कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की है.

258 गांव बाढ़ से प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 258 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इनमें 92 गांव ऐसे हैं, जहां आबादी के साथ-साथ कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है. 27 गांवों में कटान, 75 गांवों में जलभराव से आबादी प्रभावित हुई है, जबकि 91 गांवों में केवल कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा 26 गांवों में बाढ़ के कारण संपर्क मार्ग कट गया है. प्रशासन की ओर से 157 गांवों में राहत कार्य चलाया जा रहा है.

बाढ़ और जलभराव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 1.45 लाख आबादी प्रभावित हुई है. लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने बाढ़ शरणालय और राहत केंद्र बनाए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 1,274 गांवों से जुड़े लोगों को बाढ़ शरणालयों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. वहीं 1,905 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 13,611 लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं.

17 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित

बाढ़ और भारी बारिश का असर खेती पर भी पड़ा है. प्रदेश में कुल 17,428.01 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है. इसमें 8,452.88 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि, 3,903.16 हेक्टेयर बोया गया क्षेत्र और 62 हेक्टेयर कटान प्रभावित क्षेत्र शामिल है. फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की ओर से अब तक 200.31 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है. इससे किसानों को फसल बर्बादी से हुए आर्थिक नुकसान में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन और राहत कार्य जारी है.

पशुओं के लिए भी राहत की व्यवस्था

बाढ़ से सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि पशुधन भी प्रभावित हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार करीब 15,561 पशु प्रभावित हुए हैं. इनके लिए पशु शिविर लगाए गए हैं और उपचार के साथ टीकाकरण की व्यवस्था की गई है. अब तक 544 पशुओं का इलाज और 12,695 पशुओं का टीकाकरण कराया गया है. इसके अलावा पशुओं के लिए 22,636 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है.

1,599 नाव और 621 मोटर बोट तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर संसाधन लगाए गए हैं. प्रशासन ने 1,599 नावें और 621 मोटर बोट लगाई हैं. इसके अलावा 1,315 स्थानीय गोताखोर, 12 एनडीआरएफ टीमें, 9 एसडीआरएफ टीमें और 7 पीएसी टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. करीब 6,032 खोज और बचाव वाहनों की भी व्यवस्था की गई है.

राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी जारी है. अब तक 28,126 खाद्य सामग्री पैकेट, 17,424 डिग्निटी किट और 22,883.5 मीटर तिरपाल वितरित किए गए हैं. इसके अलावा 1,28,576 लीटर पीने का पानी, 35,153 ओआरएस पैकेट और 69,834 क्लोरीन टैबलेट भी बांटी गई हैं. राहत और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 1,560 कम्युनिटी किचन/लंगर और 762 मेडिकल टीमें लगाई गई हैं. वहीं, 566 एंटी-स्नेक वेनम की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सांप के काटने जैसी घटनाओं में तुरंत इलाज मिल सके.

6,704 आपदा मित्र कर रहे मदद

बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन को मजबूत किया गया है. प्रदेश में 12,687 राहत चौपालें लगाई गई हैं. वहीं 6,704 प्रशिक्षित आपदा मित्र राहत और बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं. प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर भोजन, पानी, इलाज और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए और किसानों को फसल नुकसान के लिए जरूरी राहत भी पहुंचाई जा सके. 

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