किसानों की पुकार सुनने खेतों में पहुंचे CMकर्नाटक में बारिश की कमी और फसलों को हुए नुकसान के बीच सूखे की स्थिति गंभीर होती जा रही है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को गडग जिले के कदंपुर गांव का दौरा किया. उन्होंने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी और किसानों से सीधे बात की. किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बारिश कम होने के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है. किसानों ने गडग जिले के बाकी छह तालुकों को भी सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की.
कदंपुर गांव पहुंचे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा. किसानों ने बताया कि इस साल पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. पानी की कमी के कारण खेतों में लगी फसलें सूख रही हैं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने का डर है. किसानों ने मुख्यमंत्री से मदद करने और सूखे से प्रभावित सभी क्षेत्रों को सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग की. किसानों ने खास तौर पर गडग जिले के उन छह तालुकों को भी सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग की, जिन्हें अभी इस सूची में शामिल नहीं किया गया है. किसानों का कहना है कि इन इलाकों में भी बारिश की कमी का असर खेती पर दिखाई दे रहा है.
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक कर्नाटक के 102 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है. हालांकि, कई दूसरे तालुकों में अभी भी सर्वे का काम चल रहा है. इस सर्वे में यह देखा जा रहा है कि बारिश की कमी से फसलों को कितना नुकसान हुआ है और किसानों की स्थिति कैसी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को बाकी क्षेत्रों की रिपोर्ट भी जल्द मिलने की उम्मीद है. रिपोर्ट आने के बाद सरकार आगे का फैसला करेगी. उन्होंने कहा कि करीब एक सप्ताह या 15 दिन में कई जगहों की स्थिति साफ हो सकती है.
डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार सूखे की स्थिति की पूरी जानकारी जुटा रही है. इसके बाद केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी. उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों को घोषित करने के लिए केंद्र सरकार के नियमों का पालन किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अलग-अलग इलाकों में जाकर फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेगी. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों को सूखा प्रभावित घोषित करने की जरूरत है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की एक टीम भी स्थिति देखने के लिए कर्नाटक आ रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र की टीम के सामने राज्य सरकार को सूखे और फसल नुकसान से जुड़ी जानकारी रखनी होगी. सरकार को यह भी बताना होगा कि किन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण किसानों को परेशानी हुई है. शिवकुमार ने कहा कि धारवाड़ और गडग से पर्याप्त आंकड़े नहीं मिलने की जानकारी सामने आई थी. इसी वजह से वह खुद इन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह बागलकोट का भी दौरा करेंगे और वहां की स्थिति को समझेंगे.
मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार अलग-अलग इलाकों का सर्वे कर रही है और रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरी फैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद सूखे से प्रभावित किसानों की स्थिति को समझना और सही जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करना है. किसानों से मिली जानकारी और खेतों में हुई फसल की स्थिति को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा.
मुख्यमंत्री के गडग दौरे के दौरान मंत्री बसवराज रायरेड्डी, पूर्व मंत्री, विधायक एच.के. पाटिल सहित कई नेता और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सभी ने किसानों से बातचीत की और इलाके में खेती की स्थिति की जानकारी ली. कर्नाटक में बारिश की कमी के कारण किसानों की चिंता बढ़ी हुई है. ऐसे में सरकार के सर्वे और केंद्र की टीम के दौरे के बाद यह साफ होगा कि कितने और तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जाता है. किसानों को उम्मीद है कि सरकार जल्द उनकी समस्याओं पर ठोस कदम उठाएगी.
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